झांसी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आगामी 13 अगस्त को जनपद मुख्यालय, दीवानी न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम के वाद, वैवाहिक वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वाद, दीवानी वाद, एम0वी0एक्ट व ई चालान के वाद, आर्बिटेशन के वाद, लघु शमनीय वाद, विद्युत अधिनियम के वाद, एन आई एक्ट की धारा 138 के वाद, राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले, पेंशन के मामले, श्रम के मामले व अन्य प्रकृति के मामले तथा प्री लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण के मामले, विद्युत तथा बी0एस0एन0एल के टेलिफोनिक बिल संबंधी अन्य मामलों का निस्तारण सुलह एवं समझौते के माध्यम से किया जाएगा। आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक विभिन्न वादों का निस्तारण सुलह एवं समझौतों के आधार पर सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने आज अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को सुलभ एवं शीघ्रता के साथ न्याय दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, सभी संबंधित अधिकारीगण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने एवं इस अवसर पर अधिक से अधिक सुलह एवं समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण करते हुए जन सामान्य को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने अपने स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करते हुए व राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित होने वाले वादों का चिन्हीकरण करते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक वाद निस्तारित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे, ताकि सरकार एवं माननीय न्यायालय के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आम नागरिकों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर उन्होंने उपजिलाधिकारीगणों का आह्वान करते हुए कहा कि उनके द्वारा राजस्व विभाग तथा अन्य उनके अधीनस्थ समस्त विभागों के अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने के उद्देश्य से अभी से तैयारी सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार उन्होंने श्रम विभाग, परिवहन विभाग, लीड बैंक अधिकारी, एनपीसीएल एवं यूपीसीएल, प्रोबेशन विभाग, मनोरंजन कर, समाज कल्याण तथा अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी इसी प्रकार की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारियों का यह भी आह्वान किया है कि सभी विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों के वादों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए ताकि संबंधित वादकारी राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने वादों का निस्तारण करा सकें।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





