
झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा की दृष्टिगत जनपद में कटे-फटे एवं सड़े फल, सब्जी एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की शक्ति से रोकथाम किए जाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि खुले में सड़े-गले फलों की बिक्री को प्रत्येक दशा में जनपद में रोका जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा विभाग से सम्बन्धित न्यायालयों में लम्बित वादों के निस्तारण में तेजी लाने निर्देश दिये गये। उन्होने विगत पर्व के अवसर पर कृत छापेमार कार्यवाहियों के सम्बन्ध में मिलावट करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को न्यायालयों द्वारा दण्डित कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत खाद्य पदार्थाे में मिलावट रोकने हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सतत् रूप अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमानुसार निरीक्षण करने एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। विशेष रूप से ठेले-खुमचे पर तैयार खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण व ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों के रख-रखाव, खाद्य पदार्थों के निर्माण में सावधानियां रखने हेतु जागरूक करने के निर्देश गये।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर भी पका हुआ भोजन परोसा जा रहा है, जैसे- स्कूल, आंगनबाडी केन्द्र, अनाथालय, वृद्धा आश्रम व जननी सुरक्षा के अन्तर्गत आच्छादित सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं कैन्टिन में विशेष सतर्कता रखते हुए नियमित जांच की जाए एवं उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक व प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने विशेष बल देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि अर्न्तविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए सभी विभागों के हित को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करें एवं खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित करते हुए प्रवर्तन कार्यवाही कर सुधार लाये। उन्होंने कहा जिन प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने असुरक्षित श्रेणी में आए हैं, उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में सरकारी अस्पतालों के आस-पास संचालित औषधि प्रतिष्ठानों की जांच की जाए तथा सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देशित किया गया कि नकली दवाओं के विक्रय पर रोक लगाने हेतु नियमित रूप से औषधि प्रतिष्ठानों के सघन निरीक्षण किये जाए तथा नियमानुसार प्रवर्तन कार्यवाही की जाए।
सहायक आयुक्त खाद्य/अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने शासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा संग्रहित नमूनों एवं फेल पाये गये नमूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डोम 24 के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा प्रतिष्ठानों के खोलते हुए तिलों की लगातार जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त फूड सेफ्टी मोबाइल लैब वैन के से लगातार खाद्य सामग्री की टेस्टिंग एवं जनजागरूकता कार्यक्रम एवं प्रचार प्रसार लगातार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
उक्त बैठक में अपर जिला अधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़,सहायक आयुक्त (खाद्य), उपायुक्त राज्य कर जी0एस0टी0, मण्डी निरीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, निरीक्षक बाट व माप विभाग, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी तथा खाद्य व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

