
झाँसी। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल के कुशल संरक्षण एवं प्रेरणा से आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के ए.डी.आर. भवन में अधिकार मित्रों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी द्वारा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में गरीब, असहाय व शोषित वर्ग तक न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए सभी अधिकार मित्रों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहन की। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि अधिकार मित्र समाज और न्यायपालिका के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। सचिव ने अपील की कि सभी अधिकार मित्र भविष्य में और अधिक ऊर्जा व तत्परता के साथ नालसा (NALSA) और सालसा (SALSA) की जनकल्याणकारी व मुफ्त विधिक सहायता योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाएं और विधिक साक्षरता का दायरा बढ़ाएं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु कार्य कर रही प्रतिष्ठित संस्था ‘बुंदेलखंड सेवा संस्थान’ (NGO) के साथ *विश्व बालश्रम निषेध दिवस* के अवसर पर बाल मजदूरी उन्मूलन के विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने उपस्थित सभी अधिकार मित्रों से सीधे संवाद किया।
कार्यक्रम में उपस्थित “बाल कल्याण समिति” के अधिकारियों एवं बुंदेलखंड सेवा संस्थान के प्रतिनिधियों ने अधिकार मित्रों से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों, कस्बों और ग्राम पंचायतों में पैनी नजर रखें। जहाँ कहीं भी होटलों, ढाबों, कारखानों या घरेलू कार्यों में मासूम बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही हो, उसे तत्काल रुकवाने में प्रशासनिक सहयोग करें। साथ ही, समाज के आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता को जागरूक करें कि वे बच्चों को मजदूरी के दलदल में धकेलने के बजाय शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें, क्योंकि शिक्षा ही इन बच्चों का संवैधानिक अधिकार है। बैठक में जिले भर से आए दर्जनों अधिकार मित्रों ने सहभागिता कर समाज को विधिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

