
झांसी। उत्तरप्रदेश कैबिनेट की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में झांसी जनपद के ग्राम बम्हरौली में गौ आश्रय स्थलों व पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए दया भावना फाउंडेशन से गौ आश्रय स्थलों व पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए एम ओ यू को मंजूरी दी गई । इस परियोजना के तहत फाउंडेशन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 5एकड़ जमीन पर गौ आश्रय स्थल के साथ अत्याधुनिक पशु उपचार अस्पताल अपने खर्चे पर स्थापित किया जाएगा । विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह के बेजुबान पशुओं की पीड़ा समझने और ढाई वर्ष के उनके सतत प्रयास धरातल पर उतरने से झांसी ही नहीं आसपास के जनपदों में सड़कों पर दुर्घटनाओं में घायल पशुओं की जीवन रक्षा का पुण्य कार्य यहां होने वाला है l इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की रुचि और विधान परिषद सभापति की सतत पैरवी के चलते निजी संस्था को भूमि देने में रोड़ा बने 3 जून 2016 के एक शासनादेश को शिथिल करते हुए कैबिनेट ने यह असंभव कार्य करने का रास्ता साफ किया ।
उल्लेखनीय है कि दया भावना फाउंडेशन द्वारा सोनागिर जनपद दतिया में विगत 3 वर्षों से आचार्य विद्यासागर महाराज गौ उपचार अस्पताल व राम पक्षी उपचार अस्पताल का सफल संचालन किया जा रहा है । अस्पताल आधुनिक पशु चिकित्सा उपकरणों जैसे हाइड्रोलिक एम्बुलेंस, एक्स रे मशीन, अल्ट्रासाउंड, ब्लड चेक अप मशीन व हैंगिंग मशीन से परिपूर्ण है। जरूरत होने पर पशुओं की सर्जरी भी की जाती है। भविष्य में यहां कृत्रिम अंग लगाने की व्यवस्था करने की दिशा में भी प्रयास चल रहा है।
2023 के अंतिम माह में जैन मुनि परम पूज्य अविचल सागर महाराज ने विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह से मिलकर अपने फाउंडेशन के द्वारा झांसी कानपुर मार्ग पर आए दिन गौ वंश के घायल होने और उपचार के अभाव में उनके दम तोड़ने की लगातार घटनाओं को रोकने के लिए झांसी या जालौन जनपद में 5 एकड़ भूमि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने पर सोनागिर जनपद दतिया से भी अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित करने की बात कही। लखनऊ आने जाने और अन्य जनपदों में भ्रमण के दौरान विधान परिषद सभापति भी बेजुबान जानवरों की दुर्दशा को देख काफी व्यथित थे। उन्होंने जैन मुनि को भरोसा दिया कि वह इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे ।
कुंवर मानवेंद्र सिंह ने 7जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंटकर विस्तार से योजना पर चर्चा करते हुए इस संबंध में पत्र उन्हें सौंपा । मुख्यमंत्री ने अपने प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को निर्देशित करते हुए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा । प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने 10 जनवरी को जिलाधिकारी झांसी व जालौन को विधान परिषद सभापति का पत्र संलग्न करते हुए आख्या भेजने के निर्देश दिए । दोनों जनपदों का प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया। झांसी कानपुर मार्ग पर 5 एकड़ उपयुक्त जगह की तलाश में प्रशासन जुटा । कई जगह जमीनें देखी गईं , इसमें काफी समय लगाआखिर मोंठ के पास बम्हरौली में कृषि विभाग की 9.77 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई। इसके लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कराने से लेकर तहसीलदार, उप जिलाधिकारी मोंठ और जिलाधिकारी झांसी से मुख्यमंत्री कार्यालय तक आख्या भिजवाने में विधान परिषद सभापति ने व्यक्तिगत रुचि ली । अब इसमें पेंच फंसा कृषि विभाग से भूमि पशु पालन विभाग को जमीन स्थानांतरित करने का। इसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होते हुए भी इतनी लंबी और जटिल
प्रक्रिया है कि संबंधित विभागों में जिले से लेकर सचिवालय और विभागीय मंत्रियों तक की आख्या और संस्तुति के बाद ही जमीन स्थानांतरित होती है । विभागीय मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ बैठ कर विधान परिषद सभापति ने इस कार्य का आधार तैयार कराया । बाद में पहले मुख्यमंत्री से मिलकर जमीन कृषि विभाग से पशुपालन विभाग को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव 2025 में पारित कराया। फिर एक पेंच यह फंसा जिसका उल्लेख जिलाधिकारी झांसी ने अपनी 12 अगस्त 2024 की आख्या में किया था कि 3 जून 2016 के एक शासनादेश में ऐसी सरकारी भूमि निजी संस्थाओं या न्यासों को निशुल्क देने का प्रावधान नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रुचि और विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की सतत पैरवी से कैबिनेट ने जनहित में उक्त शासनादेश को शिथिल करते हुए जमीन देने का निर्णय लेकर एक असंभव कार्य पूरा कर दिखाया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

