झांसी। फर्जी कूट रचित दस्तावेज तैयार कर सरकार को चालीस करोड़ रुपए की हानि पहुंचाने वाले आरोपी को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ सहायक विजिलेंस अनुसंधान शाखा राज्य कर झांसी ने थाना शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि दिल्ली के बेस्ट सिराजपुर जतिन पार्क निवासी नीरज रंजन गुप्ता ने फर्जी कूट रचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी फर्म पर उत्तर प्रदेश सरकार की चालीस करोड़ की जीएसटी चोरी की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। आज आरोपी की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के दौरान डीजीसी क्राइम ने अभियुक्त को जमानत देने का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। डीजीसी ने बताया कि अभी अभियुक्त को जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

