
झांसी। सत्ता में रहकर विधायकी के ख्वाब देखने वाले भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का राजनैतिक अध्याय आज समाप्त हो गया। नवाबाद थाना ओर चिरगांव थाना पुलिस ने भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को दिल्ली के चाणक्य पुरी स्थित उनके आवास से क्रिकेट के ऑन लाइन सट्टा बाजारी में सौ करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन में गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि देर रात एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मीडिया को दी।
एक माननीय को छोड़ दूसरे माननीय की झोली में झूला झूलकर आर्थिक ओर राजनीतिक लाभ कमाने के लिए पंद्रह वर्षों से झूला झूली कर रहे आशीष उपाध्याय एक दम से युवा जोश में उभर कर सामने आए ओर आशीष उपाध्याय लग्जरी लाइफ के चलते सामने बैठे व्यक्ति को भी उपदेश देने में गुरेज नहीं करते थे। उनकी नजर में फिर चाहे वो उनका राजनीतिक गुरु हो या फिर पार्टी का बड़ा नेता। आशीष उपाध्याय हमेशा खुद को बड़ा साबित करने के लिए अपनी मन की बात जबरन थोपने जैसा कार्य करते थे। धनबल के चलते उन्हें कार्यक्रमों में ऊंचे पद पर बैठाया जाता था। लेकिन उन्हें यह नहीं पता रहता था कि वह किससे क्या रहे। अभी हाल ही में एक शोभायात्रा की पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने मीडिया को भी तीसरा स्तम्भ कहने में कोई गुरेज नहीं किया था। यहां तक कि उन्होंने धनबल के दम पर मीडिया को साबित भी कर दिया था कि तीसरा स्तम्भ है। आईपीएल क्रिकेट सट्टा शुरू होते ही जनपद में सटोरियों की बाढ़ सी आ गई थी। हजारों घर परिवार बर्बाद हो रहे थे। ऐसे में सदर विधायक रवि शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस मुखिया को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की थी। विधायक के पत्र के बाद ही हरकत में आई झांसी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही कर दर्जनों सटोरियों को गिरफ्तार किया था। इसी क्रम में सौ करोड़ के ऑन लाइन सट्टा कारोबार में आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई थी। आशीष उपाध्याय अपनी राजनीति बचाने के लिए सोशल मीडिया पर कई बयानबाजी कर रहे थे। लेकिन पुलिस की निष्पक्ष कार्यवाही के चलते आशीष उपाध्याय की गंदी राजनीति का अध्याय समाप्त हो गया। आज नवाबाद थाना ओर चिरगांव पुलिस ने उसे दिल्ली के चाणक्यपुरी से उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

