झांसी। आईपीएल क्रिकेट के ऑन लाइन सट्टा मामले में सौ करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया था। जिस पर आज पुलिस ने उसे न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट झांसी की अदालत में पेश किया। न्यायिक अधिकारियों की समीक्षा के चलते दोपहर डेढ़ बजे तक सुनवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय में कस्टडी में रखा गया। इधर अधिवक्ताओं ने भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
जनपद में आईपीएल ऑन लाइन सट्टा से कई घर परिवार बर्बाद हो रहे थे। इस पर लगाम कसने के लिए पुलिस पूरी तरह से कार्यवाही करने में जुटी थी। इधर पुलिस कार्यवाही कर ही रही थी कि नगर विधायक पंडित रवि शर्मा ने प्रदेश के पुलिस मुखिया को एक पत्र सौंप कर ऑन लाइन सट्टा गिरोह को चिन्हित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। पुलिस मुखिया के निर्देश के बाद हरकत में आई झांसी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हर ऑन लाइन सट्टा खिलाने वाले पचास से ज्यादा सटोरियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिसेक हाथ भाजपा नेता आशीष उपाध्याय के इस सट्टा गिरोह में शामिल होने के उस समय साक्ष्य मिले जब पुलिस ने 28 अप्रैल को सट्टा माफिया शुभम उपाध्याय सहित उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया। जिनसे पूछताछ में सौ करोड़ का ट्रांजेक्शन तो मिला ही साथ ही आशीष उपाध्याय के इस गिरोह में शामिल होने के साक्ष्य मिले। साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। पुलिस ने शुक्रवार को आशीष उपाध्याय को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आइवपुलिस ने आशीष का मेडिकल।परीक्षण कराकर उसे मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत में सुबह ग्यारह बजे पेश किया। लेकिन न्यायिक अधिकारियों की समीक्षा के चलते सुनवाई नहीं होने पर दोपहर डेढ़ बजे तक न्यायलय में कस्टडी में रखा गया। इधर तमाम अधिवक्ताओं ने एसएसपी झांसी को पत्र लिखकर आशीष उपाध्याय भाजपा नेता को षड्यंत्र के तहत इस सट्टा गिरोह में फसाए जाने का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन देने वालों के लवलेश कुमार, आरके शर्मा, दिशांत नायक, संजीव, सक्षम कुमार, दीपांश पटेल सहित दर्जनों अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर थे। इधर आशीष उपाध्याय के न्यायालय में पेश होने की खबर पाकर उनके दर्जनों की संख्या में समर्थक न्यायालय के बाहर उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

