Home Uncategorized भीषण गर्मी में गुलाब की खेती के लिए विशेष सलाह: सही प्रबंधन...

भीषण गर्मी में गुलाब की खेती के लिए विशेष सलाह: सही प्रबंधन से बढ़ेगी गुणवत्ता और उत्पादन

74
0

 

झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के पुष्प विज्ञान एवं भू-दृश्य निर्माण विभाग की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका शर्मा एवं डॉ. नीरज नेगी ने किसानों को गर्मी के मौसम में गुलाब की सफल खेती के लिए विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

उन्होंने बताया कि गर्मी के दौरान 35–45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाला तापमान गुलाब के पौधों की वृद्धि और फूलों की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में सिंचाई प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। किसानों को सुबह जल्दी या शाम के समय हल्की लेकिन नियमित सिंचाई करनी चाहिए। जहां संभव हो, ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने से जड़ों के पास निरंतर नमी बनी रहती है, इससे पौधों का विकास बेहतर होता है। पानी की कमी होने पर कलियां सूख जाती हैं और फूलों का आकार छोटा रह जाता है।

 

मिट्टी की नमी बनाए रखने और जड़ों को ठंडा रखने के लिए प्लास्टिक या जैविक मल्च (जैसे सूखी घास या पुआल) का उपयोग करना लाभकारी है। पोषण प्रबंधन के तहत 10–15 दिन के अंतराल पर 19:19:19 (1%) तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों का फोलियर स्प्रे करना चाहिए। इसके साथ ही कैल्शियम नाइट्रेट का हल्का छिड़काव फूलों की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होता है।

 

वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि सूखे फूलों को नियमित रूप से हटाना आवश्यक है, इससे नई शाखाओं का विकास होता है और फूलों की संख्या में वृद्धि होती है।

 

गर्मी के मौसम में थ्रिप्स और माइट्स जैसे कीटों का प्रकोप अधिक होता है। इनके प्रबन्धन के लिए नीम तेल (3–5 मि.ली. प्रति लीटर पानी) या अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव सुबह या शाम के समय करना चाहिए। विशेष ध्यान रखें कि दोपहर के समय किसी भी प्रकार का स्प्रे न करें।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अत्यधिक तापमान के दौरान सिंचाई की आवृत्ति बढ़ाएं और समुचित प्रबंधन अपनाएं। सही सिंचाई, मल्चिंग, पोषण एवं कीट नियंत्रण के जरिए किसान गर्मी में भी गुलाब की उच्च गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here