
कटेरा (झांसी)। कटेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गढ़ीपुरा वार्ड-7 निवासी प्रमोद प्रजापति की 27 वर्षीय पत्नी पूनम प्रजापति को बीती रात करीब दो बजे सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन सुबह उसे आनन-फानन में इलाज के लिए कटेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह करीब 8:30 बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक अथवा योग्य मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। मौके पर केवल सफाईकर्मी के मौजूद होने की बात कही गई। परिजनों का दावा है कि स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी-वेनम उपलब्ध होने के बावजूद उसे लगाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था।
परिजनों के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक डॉ. महेन्द्र देसाई से फोन पर संपर्क कर महिला के उपचार की बात कही। परिजनों का आरोप है कि बातचीत के दौरान चिकित्सक ने कथित तौर पर ड्यूटी के समय को लेकर आपत्तिजनक एवं लापरवाहीपूर्ण टिप्पणी की जिसमें पूरे जनपद के स्वास्थ्य विभाग पर उंगली उठाई गई है। परिजनों का यह भी दावा है कि चिकित्सक ने कथित रूप से कहा कि वह अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमते हैं और जिसे जो करना हो कर ले। हालांकि, इन कथित बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिजनों का आरोप है कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उसे आगे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंगरा ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घटना की सूचना संबंधित थाने को दिए जाने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कटेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय से मौजूदगी नहीं रहती, जिसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि ड्यूटी में लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

