झांसी। संगीन अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है। वही न्यायालय में चल रहे विचाराधीन मामलों में संगीन अपराध से जुड़े मामलों को शासन द्वारा चिन्हित किया गया है। जिसमें शासन के निर्देश पर अभियोजन भी अपराधियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय ने ठोस पैरवी कर रहे है। ऐसा ही एक मामला थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व घटित हुआ था। जिसमें अभियोजन द्वारा हर बिंदु को न्यायालय के समक्ष रखकर न्यायालय को सही तथ्य बताए जा रहे जिससे अभियोजन फैसला के समय कमजोर साबित न हो। रविवार को डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव और उनकी टीम ने थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में 9 नवम्बर 2021 हुई अपहरण कर जहर खिला कर हत्या करने का प्रयास के एक मामले में घटना स्थल पहुंच कर घटना का निरीक्षण किया, उन्होंने वादी मुकदमा से घटना स्थल से कैसे घटना कारीत हुई इस पर मंथन किया। इस दौरान डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि 9 नवंबर 2021 को मुकदमा वादी ग्वालटोली निवासी आकाश यादव के साथ मारपीट कर अपहरण करके सरकारी जमीन पर बने आवास में बंधक बनाकर जहर खिलाकर हत्या करने का प्रयास किया था। आरोपी आकाश यादव और उसके भाई को मरणासन्न करके भाग निकले थे। उन्होंने बताया कि आकाश यादव की तहरीर पर शातिर अपराधी ग्राम खोडन निवासी गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह सहित उसके कई साथियों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया था। उन्होंने बताया कि गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह एक शातिर अपराधी है, और इसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि यह गंभीर अपराध था और काफी चर्चाओं में बना था। इसे शासन ने चिन्हित किया था। इस मामले में अब तक आठ गवाह गुजर चुके है। न्यायालय सत्र न्यायाधीश के यहां से फैसला जल्द आना है, इसमें सिर्फ अब अभियुक्तों का 313 का बयान होना। उन्होंने बताया कि आज क्राइम सीन इसलिए क्रिएट किया गया क्योंकि अभियोजन मुकदमा फैसला सुनवाई के दौरान कमजोर साबित न हो सके। आपको बता दे कि गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह के अपराध के चलते दहशत का माहौल बना रहता था।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
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