झांसी। मोबाइल छीन कर दलित छात्रा को मोबाइल देने के बहाने अपने कमरे में बुलाकर बलात्कार करने वाले आरोपी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम झांसी आदित्य चतुर्वेदी की अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवाजी नगर निवासी एक दलित व्यक्ति ने थाना नवाबाद में 24 फरवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी पुत्री विश्विद्यालय से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। तभी नज़ा हॉस्पिटल वाली गली में रहने वाले केतन पटेल ने उसका मोबाइल छीन लिया ओर अपने कमरे में घुस गया। जब उसकी पुत्री मोबाइल लेने उसके कमरे के बाहर खड़ी होकर मंग रही थी तो केतन ने उसका हाथ पकड़ लिया ओर जबरजस्ती करते हुए उसके साथ बलात्कार कर उसे शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करते हर जेल भेज दिया था। आज आरोपी की ओर जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिसका शासकीय अधिवक्ता ने विरोध करते हुए न्यायालय से गुहार लगाई कि आरोपी का अपराध जमानत देने योग्य नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

