झांसी। संबंधित थाना को बिना सूचना दिए झांसी पहुंची मध्यप्रदेश की पुलिस की ताबड़तोड़ धरपकड़ अभियान से हंगामा खड़ा हो गया। दर्जनों युवकों ने सरेराह जमकर हंगामा किया ओर डायल 112 को सूचना दे दीं। सूचना पर जैसे ही डायल 112 पुलिस पहुंची तभी मध्यप्रदेश पुलिस वहां से रवाना हो गई। इधर पुलिस ने मध्यप्रदेश के एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाने ले आई। साथ ही हंगामा करने वाले लोगों ने नवाबाद थाना में लिखित शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो जानकारी मिली कि मध्यप्रदेश की पुलिस ने उनके यहां थाना में कोई आमद नहीं कराई साथ ही बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के लोगों की धरपकड़ की। नवाबाद पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस को थाने बुलाया। जहां शिकायत कर्ताओं द्वारा लिखित समझौते के बाद मामला शान्त हुआ।
जानकारी के मुताबिक पंचवटी कॉलोनी निवासी अमन ने डायल 112 को सूचना देते हुए बताया कि आज दोपहर करीब तीन बजे वह अपने भाई के साथ बाइक से झरना गेट स्थित मंदिर से अपने घर जा रहा था। जैसे ही वह दोनों झलकारी बाई मूर्ति के पास पहुंचे तभी मध्यप्रदेश पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग तथा सादा कपड़ों में आधा दर्जन लोगों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया ओर उन पर मध्यप्रदेश के बबीना रोड स्थित चकरपुर क्षेत्र से बकरिया चोरी की है, ओर उन्हें पकड़ कर ले जा रहे है। इस सूचना पर पहुंची डायल 112 की पुलिस को देख मध्यप्रदेश पुलिस वहां से चली गई। डायल 112 ने मध्यप्रदेश की पुलिस को बकरी चोरी करने की सूचना देने वाले को हिरासत में लेकर थाने ले आई। जहां अमन ने नवाबाद थाना को अपने साथ ही धरपकड़ की घटना की लिखित शिकायत की। वही होटल चंदा के पीछे रहने वाले सूर्य ने भी नवाबाद पुलिस को लिखित सूचना देते हुए बताया कि आज उसके पास तीन अलग अलग मोबाइल नंबरों से लगातार फोन आ रहे ओर बोल रहे कि तुम ओर तुम्हारे भाई ने चकरपुर से बकरिया चोरी की है, तुम लोग नवाबाद थाना आ जाओ साथ ही सूर्य ने लिखित शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि जब वह लोग नहीं गए तो मध्यप्रदेश पुलिस की वर्दी पहने तीन लोगों के साथ आधा दर्जन लोग उसकी चाची के घर पहुंचे ओर उसके चाची के पुत्र को घर उठाकर ले गए साथ ही घर में रखी गाड़ियों की फोटो वीडियो बनाकर ले गए। लगातार दो दो शिकायती पत्र थाने में आने के बाद नवाबाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला यह मध्यप्रदेश पुलिस ने उनके थाने में किसी प्रकार की आमद नहीं कराई। साथ ही पीड़ितों का आरोप था कि मध्यप्रदेश पुलिस ने बिना सीसीटीवी फुटेज, बिना मोबाइल सीडीआर के न्यायालय के बिना वारंट के आधार पर उनके यहां धड़पकड़ की है। जिस पर बाद में नवाबाद पुलिस ने शिकायत कर्ताओं को समझबुझा कर मामला शान्त कराया। इधर मध्यप्रदेश पुलिस ने भी अपनी गलती स्वीकार की जिसके बाद मामला शान्त हुआ।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

