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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का किया वितरण* *मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई

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झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती चल रही है। सरकार ने तय किया है कि होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्र को प्राथमिकता देंगे। अभी आपदा मित्र की सेवा वालेंट्री है, लेकिन जब वह होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उसे सरकार द्वारा मानदेय देने की भी कार्रवाई की जाएगी। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।

शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खऱीफ 2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी। आपदा मित्रों को जीवन बीमा प्रदान किया। इसके साथ ही बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैया के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो ईकाई का शिलान्यास भी किया। सीएम योगी ने होली की शुभकामनाएं भी दीं।

सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। सीएम ने कहा कि जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक ही झटके में 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, इसमें बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। किसानों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर योजना का लाभ दिया जा रहा है तो प्रदेश के सभी जनपदों में भी यह कार्यक्रम हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो वह हमें रिटर्न वापस कर देता है। फसल का बहुत छोटा सा हिस्सा बीमा योजना में जाता है, लेकिन किसी आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान आच्छादित होता था। उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार, सह किसान आच्छादित नहीं होते थे। हमारी सरकार बनी तो हमने 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान, परिवार के सदस्यों की दुर्घटना, अकालग्रस्त, मृत होने पर पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन इसके जरिए सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसान, सह किसान, पारिवारिक सदस्य, बटाईदार आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किया गया था। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए।

सीएम योगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिमांडर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने आपदा मित्र के रूप में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पांडर किट,आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इमरजेंसी रिस्पांडर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टार्च, फर्स्ट एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी बढ़ाया जाएगा।

सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाता था। 2015-16 में किसी किसान के खाते में दो रुपये, किसी को चार रुपये आया था। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी आदि आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़, मकान क्षति के 27448 परिवारों को 24 करोड़ रुपये सरकार वितरित कर चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, *झांसी* व आजमगढ़ में डाप्लर वेदर रडार की स्थापना करने जा रहे हैं। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू सहित झाँसी एनआईसी से विधायक गरौठा जवाहर लाल राजपूत, प्रभारी जिलाधिकारी जुनैद अहमद, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा, अनिल कुमार सहित उपनिदेशक कृषि आदि की मौजूदगी रही।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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