झांसी। भरण पोषण की राशि वसूली ओर गिरफ्तारी वारंट पर खुद निर्णय लेकर आरोपी को बचाने ओर न्यायालय में बिना बुलाए उपस्थित होकर दोषारोपण करने पर न्यायालय ने मऊरानीपुर थाना प्रभारी के प्रति खाफी नाराजगी व्यक्त की। न्यायालय ने एसएसपी को पत्र लिखकर थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए है।
पारिवारिक न्यायालय में भरण पोषण के लिए श्रीमती नेहा बनाम राघवेंद्र बाद दायर है। इस बाद में आरोपी न तो उपस्थिय हो रहा है, इस पर न्यायालय ने आरोपी के राशि वसूली ओर गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। न्यायालय से लगातार राशि की वसूली ओर आरोपी की गिरफ्ताई वारंट पर कार्यवाही नहीं होने पर न्यायालय ने थाना प्रभारी के विरुद्ध कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए थाना प्रभारी का वेतन रोकने का निर्देश दिए थे। न्यायालय ने एसएसपी को लिखे पत्र में बताया कि मऊरानीपुर थाना प्रभारी का वेतन रुकने पर वेतन बहाली के लिए 16दिसंबर को न्यायालय में उपस्थित हुए ओर वेतन बहाली का आवेदन दिया। जिस पर पेशकार व अरदली द्वारा प्रभारी निरीक्षक को बताया गया कि न्यायालय पीठासीन अधिकारी समीक्षा कर रहे है, कुछ देर रुकिए। जिस पर प्रभारी निरीक्षक उत्तेजित हो गए ओर कहा कि उनके पास टाइम नहीं है, उनका टाइम काफी कीमती है। इस पर न्यायालय ने पत्र में लिखा है कि थाना प्रभारी को न तो न्यायालय ने बुलाया था और न ही उन्होंने न्यायालय से मिलने की अनुमति ली। इसके अलावा थाना प्रभारी न्यायालय में वेतन बहाली का आवेदन दिया। जबकि थाना प्रभारी निरीक्षक ने अभियुक्त के चार हजार रुपए जमा करने वाली रसीद लगाते हुए लिखा कि चार हजार जमा करने के बावजूद भी उनका वेतन रोका गया। जबकि अभियुक्त से 48 हजार की वसूली करनी थी। न्यायालय ने पत्र में लिखा कि प्रभारी निरीक्षक ने चार हजार रुपए टेंडर प्रक्रिया ओर अभियुक्त का जारी वारंट न्यायालय में दाखिल कर दिया। जबकि न्यायालय में पूरी धन राशि जमा न करने पर न तो अभियुक्त का वारंट निरस्त किया था। इससे यह स्पष्ट है कि थाना प्रभारी वारंटी से मिले हुए है, उसे गिरफ्तार नहीं किया तथा अधूरी धनराशि का टेंडर प्राप्त कर लिया। इससे यह विदित है कि प्रभारी निरीक्षक न्यायालय के आदेश का आदेश का पालन नहीं कर रहे अवहेलना कर रहे स्वयं वारंटी को न पकड़ने का निर्णय ले रहे ओर न्यायालय पर दोषारोपण कर न्यायालय में वेतन बहाली का आवेदन प्रस्तुत कर रहे है। पत्र में पारिवारिक न्यायालय प्रधान न्यायधीश ने एसएसपी को लिखा कि थाना प्रभारी मऊरानीपुर के खिलाफ विभागीय जांच की जाए साथ ही टेंडर जारी करने वाले लिपिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

