
झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन पर बैटरी कार के संचालन के दौरान दिव्यांग ओर बुजुर्ग यात्रियों के अलावा सवारियों ओर लगेज को भी लाया ले जाया जा रहा है। जिससे कुलियों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बैटरी कार में सवारियों ओर लगेज को लाने ले जाने पर रोक लगाने की चल रही मांग पर मंगलवार को निस्तारण कर दिया गया था। लेकिन देर रात कुलियों की समस्या जस की तस हो गई साथ ही शिकायत करने पर रेल अधिकारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाकर कुली फिर धरने पर बैठ गए।
बैटरी कार में सवारियों को ढोने का कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे कुलियों ने दो दिन पूर्व धरना प्रदर्शन कर 24 घंटे की हड़ताल कर दी थी। उनका आरोप था कि वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन पर चलने वाली बैटरी कार से अगर पार्सल के साथ सवारियां भी ढोई जाएंगी तो उनका रोजगार समाप्त हो जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा था कि बैटरी कार में केवल बुजुर्ग ओर दिव्यांगों को ही लेकर जाने की अनुमति दी जाए। प्रदर्शन की सूचना पर कई जनप्रतिनिधि पूर्व केंद्रीय मंत्री, राष्ट्र भक्त संगठन, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के संगठन ने प्रदर्शन में पहुंच कर कुलियों का समर्थन करते हुए उनकी समस्या का निस्तारण करने की मांग की थी। जिसके चलते मंगलवार को रेल अफसरों ने प्लेट फॉर्म पर बैटरी कार में नो पार्सल लाने ले जाने का स्टीकर चिपका कर समस्या का समाधान किया था। इसके बाद कुली यूनियन ने हड़ताल समाप्त कर दी थी। बुधवार को फिर कुली यूनियन के अध्यक्ष गोलू ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के निजी सचिव, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भानू सहाय डीआरएम कार्यालय में रेल अधिकारी से मिलने पहुंचे। जहां सभी लोग कुलियों के साथ फिर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। उनका आरोप है कि जो स्टीकर रेल अधिकारियों ने प्लेट फॉर्म पर स्टीकर लगाए थे उन्हें बैटरी कार संचालन वालों ने हटा दिए ओर बैटरी कार में लगातार सवारियां ओर लगेज लाया ले जाया जा रहा है। इसकी शिकायत लेकर वह लोग डीआरएम कार्यालय आए थे जहां उन्हें रेल अधिकारी ने अभद्रता करते हुए चैम्बर से भागा दिया। सभी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर अभद्रता करने वाले अधिकारियों ओर बैटरी कार में नो लगेज ओर दिव्यांग, बुजुर्ग को छोड़ कर अन्य सवारियां को लाने ले जाने पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं भानू सहाय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा तो वह अपने संगठन के बैनर तले रेल मंत्री का पुतला दहन करेंगे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

