झांसी। मथुरा में दुष्कर्म के आरोप में घिरे झांसी में तैनात दरोगा रविकांत गोस्वामी से जुड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में जारी किए गए दस्तावेज के आधार पर दुष्कर्म का आरोप निराधार भी हो सकता है। दरोगा की जारी हुए दस्तावेजों में बताया गया कि मुकदमा लिखाने वाली महिला सिपाही से उसने सौ रुपए के स्टाम्प पर मुरादाबाद में शादी की थी और दोनों में विवाद होने पर इसी स्टांप नोटरी के सहारे दरोगा ने तलाक का मुकदमा मुरादाबाद न्यायालय में डाल दिया था। जिसकी सूचना पोस्ट द्वारा महिला के घर भेजी गई थी। जिसके बाद दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो गया। यह पुलिस की अब जांच के लिए बड़ा अहम साक्ष्य साबित हो सकता है। फिलहाल कौन सही है कौन गलत यह पुलिस की विवेचना से ही स्पष्ट होगा। आपको बता दे कि गत दिवस झांसी में तैनात एक महिला सिपाही ने मथुरा में थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि झांसी के चिरगांव थाना में पदस्थ दरोगा रविकांत गोस्वामी और उसके साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी अश्लील वीडियो फोटो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। इन आरोपों को संज्ञान में लेकर झांसी एसएसपी ने दरोगा रविकांत को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए है। लेकिन आपको बता दे कि इस प्रकरण से जुड़े कुछ दस्तावेज गोपनीय रूप से प्राप्त हुए जो इन आरोपों को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर रहा है। एक सौ रुपए के स्टाम्प मुरादाबाद कोषागार पर दरोगा रविकांत गोस्वामी और एक मथुरा निवासी युवती का रजामंदी के साथ विवाह करने की आपसी बात लिखी गई जिसे नोटरी भी मुरादाबाद में ही कराई गई। यह नोटरी वाला विवाह दरोगा ने वर्ष 2023 को शिव मंदिर शक्ति लोक शिवालय मुरादाबाद में किया था। लेकिन इसके बाद वर्ष 2025 में चार जुलाई को दरोगा ने न्यायालय प्रधान न्यायधीश मुरादाबाद में तलाक का मुकदमा उसी नोटरी को आधार बनाकर दायर कर दिया। जिस पर तारीख पेशी जरिए सूचना न्यायालय द्वारा पोस्ट के माध्यम से भेजी गई। जिस पर 19 अगस्त 2025 में उक्त शादी करने वाली महिला को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना था। हालांकि यह मथुरा में दर्ज दुष्कर्म का मामला ओर न्यायालय में दायर किया गया तलाक का मामला दोनों एक सिक्के के दो पहलू है। अब यह मामला पुलिस के लिए ओर भी ज्यादा गंभीर ओर जांच का विषय बन गया कि आखिर दोषी कौन है, ओर कौन घटना को छिपा रहा है। साथ ही अब यह सौ रुपए की नोटरी वाला शादी का स्टाम्प ओर न्यायालय में दायर तलाक का मुकदमा भी दुष्कर्म के आरोप की विवेचना में दूसरा पाठ जुड़ गया है। आखिर दोषी कौन है यह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

