झांसी। नौ वर्ष पूर्व नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपी पर आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायधीश/विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दस वर्ष का कारावास ओर पंद्रह हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही इस अपराध में सहयोग करने वाले आरोपी को पांच वर्ष का कारावास ओर आठ हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। बलात्कार का आरोप सिद्ध होने वाले आरोपी ने छह माह पूर्व कानून का उल्लंघन करते हुए पीड़िता की न्यायालय में मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे वायरल की थी। तभी से आरोपी जेल में है। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 फरवरी 2015 को एक व्यक्ति ने बबीना थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ओर उसकी पत्नी मजदूरी करने गए थे। घर पर उसकी 16 वर्षीय पुत्री अकेली थी। तभी बबीना के पंप हाउस के पास रहने वाले बंटी उर्फ अजय यादव उसकी पुत्री को बहला फुसला कर अपनी बाइक पर बैठा ले गया और अपने मिलने वाले मध्यप्रदेश के जिला शिवपुरी ग्राम भौंती निवासी कमल कुशवाह के हवाले कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नाबालिग को बरामद करते हुए कमल कुशवाहा ओर बंटी उर्फ अजय को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान ओर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बलात्कार की धारा की बढ़ोत्तरी कर दोनों आरोपी को जेल भेजते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई न्यायालय में शुरू हो गई थी। तमाम साक्ष्य ओर गवाह जिरह तथा अभियोजन की ठोस पैरवी के चलते आरोपी कमल ओर बंटी पर आरोप सिद्ध होने पर आज न्यायालय ने आरोपी कमल को अपहरण ओर बलात्कार के आरोप में दस वर्ष की सजा ओर पंद्रह हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। वही आरोपी बंटी उर्फ अजय को सहयोग करने का दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष की सजा ओर आठ हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। आपको बता दे कि आरोपी कमल हाइ कोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसने छह माह पूर्व पीड़िता के न्यायालय में बयान के दौरान अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे वायरल करते हुए कानून का उल्लंघन किया था। जिस पर न्यायालय ने उसकी जमानत खारिज करते हुए उसे जिला कारागार में भेज दिया था। आरोपी तभी से जेल में निरुद्ध था।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





