झांसी। शीत लहर के चलते ठंड ने कहर बरपा दिया। दिन भर कोहरे की धुंध में छिपे सूर्य देव को देखने के लिए लोगों की आँखें तरस गई। दिन भर चली शीत लहर में लोग अपने अपने घरों में छिपे रहे। जरूरी कार्य से ही बाहर निकले। वही नन्हे मुन्ने बच्चों को ठंड से बचाने को लॉगिन ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोग माह दिसंबर में अनुमान लगा रहे थे कि अब सर्दी पड़ेगी अब सर्दी पड़ेगी। लेकिन आस के साथ दिसंबर भी निकल गया ओर देखते ही देखते जनवरी माह की मकर संक्रांति भी निकल गई। इस पर लोगों ने अब ठंड बढ़ने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन अचानक ही मकर संक्रांति के अगले दिन बुधवार को तड़के ही घना कोहरा छाया रहा। साथ ही शीत लहर भी कड़ाके की चली दिन भर कोहरा ओर शीत लहर के चलते लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों के बाहर निकले और अपने बच्चों को घरों से नहीं निकलने दिया। सूर्य नारायण भगवान भी कोहरे की चादर में छिपे रहे। लोग शीत लहर ओर ठंड का कहर देख बार बार आसमान की ओर सूर्य नारायण भगवान को देख रहे थे। लेकिन उम्मीद पर पानी फिरा रहा। दिन भर चली शीत लहर कड़ाके की ठंड से गलन होती रही। जहां अलाव दिखा लोग वही ताप कर गलन दूर करते देखे गए।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





