
झांसी। नाबालिग को बहला फुसला कर भगा ले जाकर बाद में उसे लगातार बदनामी का डर दिखाकर आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने वाले आरोपी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम झांसी धीरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियोज। की और से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह व कपिल करोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 जुलाई 2024 को एक व्यक्ति ने लहचूरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था


कि गांव का रहने वाला युवक राहुल राजपूत अपने दो साथियों के साथ उसकी नाबालिग पुत्री को अपने साथ बहला फुसला कर भगा ले गया था। काफी खोजबीन के बाद राहुल और उसके साथी उसकी पुत्री को घर के बाहर छोड़ कर भाग गए थी। रिपोर्ट में बताया कि तभी से राहुल और उसके साथी पुत्री को आए दिन परेशान और तंग करने लगे थे। उसे धमकी देते थे कि उसकी वीडियो फोटो शोशल मीडिया पर डालकर उसे बदनाम कर देंगे। बदनामी का भय के चलते उसकी पुत्री ने देर शाम जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर राहुल राजपूत और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर राहुल को जेल भेज दिया था। तभी से आरोपी जेल में है। आज आरोपी की ओर न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसकी सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल करोलिया ने विरोध किया। उन्होंने न्यायालय से अपील करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा किया गया अपराध जमानत देने योग्य नही। न्यायालय ने उसका जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





