झांसी। एक जुलाई से शुरू हो रहे नए अपराधिक कानून पर शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ताओं का ऑन लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष प्रमुख सचिव द्वारा शासकीय अधिवक्ताओं के साथ ऑन लाइन समीक्षा आयोजित की गई। इस समीक्षा में नए कानून को लेकर प्रशिक्षण किया गया। किस प्रकार से नए कानून के तहत कैसे कार्य होगा। आपको बता दे कि 1 जुलाई 2024 से देश में नए आपराधिक कानून (New Criminal Laws 2024) लागू होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए कानून लागू करने के संबंध में हुई प्रगति की समीक्षा की. इनको लागू करने और इनसे संबंधित सभी स्टेक होल्डर्स को इनके प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए। कानून में नए बदलाव विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की अवधारणा के अनुरूप है. इन बदलावों में अधिकतम सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता, जवाबदेही, बच्चों और महिलाओं के हित पर खासा ध्यान दिया गया है।दंड की जगह न्याय पर फोकसनए कानून में (New Criminal Laws 2024) में खासतौर से दंड की जगह न्याय पर सारा फोकस रखा गया है. शीघ्र न्याय मिले इसके लिए नीचे से ऊपर तक जांच और साक्ष्य के लिए आधुनिकतम तकनीक को शामिल किया गया है. किसी भी मामले न्याय मिलने की सीमा तय होगी. छोटे मामलों के निस्तारण के लिए पहली बार कम्यूनिटी सर्विसेज की शुरुआत की जाएगी। अकेले इस बदलाव से सेशन कोर्ट में ही 40 फीसदी मुकदमों का निस्तारण हो जाएगा। झांसी सर्किट हाउस में आयोजित हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में Dgc क्रिमिनल मृदुल श्रीवास्तव , एडीजीसी रवि गोस्वामी, ऐड तेज सिंह,लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह, दीपक तिवारी आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





