झांसी। न्यायालय में झूठी गवाही देने के मामले में अपना जुर्म स्वीकार करने पर अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा, सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत में आरोपी को जेल में बिताई गयी अवधि एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप राजपूत के अनुसार अभियुक्त पुष्पेन्द्र कुमारने राज्य बनाम श्रीमती विमला देवी धारा 498ए, 304-बी 302/34 भा०दं०सं० व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम थाना गरौठा के मुकदमे में झूठी गवाही दी थी। जिसके खिलाफ धारा 344 दं०प्र०सं० के अन्तर्गतन्यायालय द्वारा कार्यवाही की गयी थी और अभियुक्त जेल में बंद था, जिसने न्यायालय में उपस्थित होकर स्वेच्छा से जुर्म स्वीकार करने का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था,कि वह गरीब व मजदूर व्यक्ति है। मुकदमा लड़ने में असमर्थ है । इसलिये अपना जुर्म स्वीकारकर रहा है एवं कम से कम दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया।अभियुक्त की उम्र, आर्थिक ,शारीरिक स्थिति, प्रकरण के तथ्य एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये अभियुक्त का जुर्म संस्वीकृति प्रार्थनापत्र स्वीकार कर न्यायालय द्वारा अभियुक्त पुष्पेन्द्र कुमार को जेल में बिताई गयी अवधि एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।अर्थदण्ड न अदा करने पर उसे सात दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





