झांसी सदर विधानसभा 223: सपा नेता नीरज कुमार अग्रवाल ने ठोकी मजबूत दावेदारी, कहा— “वैश्य समाज का समर्थन साथ, सपा की नीतियों का घर घर जाकर कर रहे प्रचार

झांसी। उत्तर प्रदेश की झांसी सदर विधानसभा सीट (223) पर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी से लगातार अपनी दावेदारी पेश कर रहे प्रमुख नेता नीरज कुमार अग्रवाल ने वर्तमान सरकार और स्थानीय व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोला है। वह समाजवादी पार्टी की समाज हित, जनहित की नीतियों को लेकर घर घर जा रहे। उन्होंने कहा कि झांसी में विकास के नाम पर केवल दिखावा हुआ है और सत्ताधारी दल के नेता जनता की समस्याओं से मुंह मोड़े बैठे हैं।झांसी सदर सीट से समाजवादी पार्टी के प्रबल दावेदार नीरज कुमार अग्रवाल लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला बेहद मजबूती से आगे बढ़ रहा है और जनता अखिलेश यादव की नीतियों के साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि युवा वर्ग बदलाव के मूड में है और राज्य में अगली सरकार समाजवादी पार्टी की ही बनेगी।हम लगातार समाज और जनता के बीच जाकर अखिलेश यादव जी की नीतियों को पहुंचा रहे हैं। युवा देश की रीढ़ हैं, युवा जिसके साथ खड़ा होगा, सरकार उसी की बनेगी। वर्तमान सरकार में नौकरियों और रोजगार का अकाल है, लोग भारी-भरकम बिजली बिलों और खराब सड़कों से त्रस्त हैं। हमारी सरकार आने पर रोजगार और जनहित सर्वोपरि होगा।नीरज अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि झांसी में सिर्फ वादे किए गए, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिखा। सड़कें जर्जर हैं, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जनता पर चालानों का बोझ लादा जा रहा है। कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय विरोधियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने अपनी दावेदारी को सबसे मजबूत बताते हुए कहा कि झांसी में वैश्य समाज की एक बड़ी आबादी है, जिसे आज तक उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।झांसी सदर में लगभग 80 हजार वैश्य मतदाता हैं। समाज पूरी मजबूती से हमारे साथ है। पार्टी अगर मौका देती है, तो स्मार्ट सिटी के नाम पर रुके कामों, खस्ताहाल सड़कों, पार्कों और आम जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा।झांसी सदर विधानसभा सीट पर नीरज कुमार अग्रवाल की सक्रियता और तीखे तेवरों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि पार्टी आलाकमान इस दावेदारी पर क्या निर्णय लेता है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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