झांसी। माफिया अतीक अहमद के पुत्र आवान की गुरुवार को हुई सड़क हादसे में मौत के बाद झांसी जिला कारागार की तन्हाई बैरिक में बंद अली अहमद को उसके भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच झांसी से प्रयागराज ले जाए जाने की पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है।
आपको बता दे कि माफिया अतीक का पुत्र अली अहमद करीब ग्यारह महीने से झांसी जिला कारागार में निरुद्ध है। उस ओर लगातार निगरानी सीसीटीवी कैमरे से रखी जा रही साथ ही उसे सबसे अलग तन्हाई बैरिक में रखा गया है।
अली से झांसी जेल मुलाकात करने उसका छोटा भाई आवान आता था। करीब 49 बार वह अपने भाई से झांसी जेल में मुलाकात कर चुका है। पचास वी बार आवान अपने भाई अली से मुलाकात करने प्रयागराज से अपने साथी सोनू, जैद, अहजान, के साथ गुरुवार को क्रीटा गाड़ी से प्रयागराज से झांसी आ रहा था। जैसे ही उसकी गाड़ी झांसी जनपद की सीमा में प्रवेश कर पूछ थाना से मोठ थाना क्षेत्र की ओर बढ़ी तभी कानपुर हाईवे पर ग्राम खिल्ली के पास उनकी कार डिवाइडर से टकरा कर पलट गई
जिससे उसमे सवार आवान और उसके साथी सोनू की मौके पर मौत हो गई थी उसके साथी घायल हो गए थे। तीनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी में भर्ती कराया गया था। देर रात मृतक आवान और उसके साथी सोनू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजन प्रयागराज ले गए थे। प्रयागराज में शवों को सुपुर्द खाक से पहले परिजनों ने अतीक के पुत्र अली अहमद और दूसरे पुत्र जो लखनऊ की जेल में बंद है उसे जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज हाईकोर्ट से अंतिम जमानत की मांग की थी। शुक्रवार की सुबह परिजनों ने जनाजे में शामिल होने के लिए जेल से दोनों भाइयों की पैरोल के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था। हाईकोर्ट ने दोनों को अपने भाई के जनाजे में शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी थी। शाम करीब चार बजे के बाद झांसी पुलिस प्रशासन पूरी चौकस व्यवस्था के साथ जेल में बंद अली अहमद को प्रयागराज के लिए रवाना होने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है। की अली और उसके भाई को हाईकोर्ट से दो दिन की पैरोल मिली है। आपको बता दे कि गुरुवार को अपने भाई आवान की सड़क हादसे में मौत की खबर जेल प्रशासन से मिलने के बाद अली अहमद काफी दुखी था और गम में रात भर रोते हुए खाना पीना भी नहीं खाया था। वह बार बार सिर्फ जेल प्रशासन से अपने भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए मोहलत मांग रहा था। वह लगातार गिड़गिड़ाता रहा कि बस एक बार अपने भाई का चेहरा देख लेने दो। फिलहाल देर शाम तक झांसी पुलिस अली अहमद के हाईकोर्ट द्वारा दी गई पेरोल के आदेश का इंतजार करता रहा।
अतीक अहमद की बहन परवीन कुरेश ने दाखिल की थी अंतिम जमानत
झांसी। अतीक अहमद की बहन परवीन कुरेश ने प्रयागराज हाईकोर्ट में झांसी में जेल में बंद अली अहमद और लखनऊ जेल में बंद उसके भाई को मृतक आवान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए अंतिम जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। जिसकी सुनवाई कर रहे जस्टिक अजय भनोट / जस्टिक दिवेश सांवत ने सुनवाई के बाद अली अहमद और उसके भाई को अपने मृतक भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए दो दिन की पैरोल दे दी है। याचिका कर्ता ने कोर्ट को बताया कि आवान का शव सुपुर्दे खाक शनिवार की सुबह प्रयागराज में किया जाएगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

