
झाँसी। मरहूम सैयद नासिर हुसैन आब्दी (नाज़िम मास्टर) इब्ने मरहूम सैयद सादिक़ अली आब्दी के ईसाले सवाब के लिए शनिवार को हुसैनी इमाम बारगाह, मेवातीपुरा, अंदर उन्नाव गेट, झाँसी में मजलिस-ए-बरसी एवं 15वें दौर की क़ुराअंदाज़ी का आयोजन अकीदत व एहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में झाँसी सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में मोमिनीन व अज़ादारों ने शिरकत कर मरहूम को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
कार्यक्रम का आग़ाज़ मौलाना सैयद इक़्तेदार हुसैन रिज़वी (बराही सादात, हरदोई) की मर्सियाख़्वानी से हुआ।
बांदा से तशरीफ लाए सैयद आसिम ज़ैदी साहब ने पुरदर्द आवाज़ में सोज़ पढ़ा।
कार्यक्रम की निज़ामत सैयद अज़ीम हैदर ने की। पेशख़्वानी में आलमी शौहरतयाफ्ता शायर-ए-अहलेबैत अशर सल्लामहु (झाँसी) एवं रेहान आज़मी (आज़मगढ़) ने अपने असरदार कलाम पेश कर श्रोताओं को अश्कबार कर दिया।
मुख्य ख़िताब में मौलाना सैयद वसी असग़र ज़ैदी (पाशा) (मुज़फ्फरनगर) ने शहादत, सब्र, इंसानियत और अहलेबैत (अ.स.) की तालीमात पर रोशनी डालते हुए मरहूम के धार्मिक व सामाजिक ख़िदमात को याद किया। इसके बाद सैयद काज़िम ज़ैदी (दतिया) ने नौहाख़्वानी पेश की, जिस पर मौजूद अज़ादारों ने पुरसा दिया।
मजलिस के उपरांत मरहूम का फ़ातेहा उनके ग़रीबख़ाने पर कराया गया तथा तमाम मोमिनीन व मोमिनात के लिए नज़र-ए-इमाम का एहतिमाम किया गया। इस अवसर पर मज़ार-ए-शहीद-ए-सालिस (आगरा) की ज़ियारत के लिए 15वें दौर की क़ुराअंदाज़ी भी सम्पन्न हुई, जिसमें पाँच ख़ुशनसीब ज़ायरीन का चयन किया गया।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल अज़ादारी झाँसी एवं दतिया अज़ादारी पर भी किया गया, जिसे देश-विदेश में बड़ी संख्या में लोगों ने देखा। अंत में मरहूम के परिजनों ने कार्यक्रम में पधारे सभी उलेमा, शायरों, अंजुमनों, मेहमानों एवं अज़ादारों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

