Home Uncategorized झांसी जेल में बंद बलात्कार के आरोपी को उच्च न्यायालय ने नहीं...

झांसी जेल में बंद बलात्कार के आरोपी को उच्च न्यायालय ने नहीं दी जमानत, पीड़िता की अश्लील फोटो न्यायालय में लगाने पर अधिवक्ता पर ठोका पांच हजार का अर्थदंड 

135
0

 

झांसी। उच्च न्यायालय प्रयागराज ने झांसी शहर कोतवाली में दर्ज बलात्कार के एक मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी को जमानत देने से इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि आरोपी ने जमानत लेने के लिए उच्च न्यायालय में पीड़िता की अश्लील तस्वीर लगा दी। न्यायालय ने आरोपी को जमकर फटकार लगाई उसका जमानत आवेदन निरस्त कर दिया है। साथ ही आरोपी के अधिवक्ता पर पीड़िता की अश्लील फोटो वीडियो न्यायालय में लगाने पर पांच हजार का अर्थदंड भी ठोका है। न्यायालय ने कहा कि यह विवेचना का पार्ट है, इसे आरोपी पक्ष खुद को जमानत का लाभ लेने के लिए न्यायालय में नहीं लगा सकता।

वादी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन जून 2025 को एक महिला ने थाना शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि फैज कुरैशी पुत्र गुलफन ने उसे अपने पास बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाकर उसकी अश्लील फोटो वीडियो बना ली थी इन्हीं फोटो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बलात्कार करता रहा। विरोध करने पर उसने उसके पिता की हत्या करने की धमकी देकर इंस्टाग्राम आईडी हैक कर ली ओर अश्लील फोटो वीडियो भेज दिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। वादी पीड़िता की ओर से उच्च न्यायालय प्रयागराज में पैरवी कर रहे जीएस चौहान ने बताया कि आरोपी पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। साथ ही आरोपी पक्ष की ओर से उसके अधिवक्ता ने जमानत लेने के लिए पीड़िता की अश्लील फोटो वीडियो भी न्यायालय में प्रस्तुत कर दी। जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही उच्च न्यायालय प्रयागराज जस्टिस कृष्ण पहल की अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कड़ा रुख अतखियार किया। पीड़िता की गोपनीयता भंग करने ओर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने तथा खुद को जमानत का लाभ लेने के साथ ही फोटो वीडियो विवेचना का पार्ट होने के उपरांत आरोपी पक्ष द्वारा पीड़िता की फोटो वीडियो न्यायालय में लगाने पर जमकर फटकार लगाते हुए आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया साथ ही आरोपी के अधिवक्ता पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here