
झांसी। मऊरानीपुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आई.टी.आई. में सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन और प्रवेश पत्र जारी करने के नाम पर हो रही रिश्वतखोरी का एंटी करप्शन टीम ने भंडाफोड़ किया है। टीम ने कार्रवाई करते हुए अनुदेशक रेनू वर्मा को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों के सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन को लेकर उनसे 3 हजार से 5 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि बिना रिश्वत दिए छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जा रहा था।
शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। 10 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए जैसे ही रेनू वर्मा ने शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये लिए, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मऊरानीपुर कोतवाली ले जाया गया, जहां विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद आईटीआई परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल देखने को मिला।
एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य कर्मचारियों व लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झांसी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे छात्र बाबू राजा ने की थी शिकायत। बाबू राजा ने बताया कि सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर उनसे छ हजार रुपए की रिश्वत ली जा रही थी। इसी की शिकायत पर आज एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंच कर कार्यवाही की।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

