
झांसी। बलिनी मिल्क प्रड्यूसर कंपनी की।महिला कर्मचारी ने काली पट्टी बांध कर जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए चेयरमैन का पुतला दहन किया।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जिस संस्था को एनडीडीबी डेयरी सर्विस ने टेक्निकल सहयोग फीस लेकर बनाया आज उसी को ना केवल अपने स्वार्थ की सिद्धि के लिए कुचलने का प्रयास कर रही है वरन पिछड़े और वंचित महिला किसानों के स्वयं सहायता वाली बलिनी को उजाड़ने के लिए प्रदेश के बाहर से एक अमीर संस्था को खड़ा कर दिया है। जिसके विरोध में
रविवार को सभी महिला कर्मचारियों ने रक्सा के ग्राम रामगढ़ में एकत्रित होकर काला फीता बांधकर जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए चेयरमैन का पुतला जलाया ओर उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की मांग की गई है। बलिनी से जुड़े महिला किसानों एवं कंपनी के कर्मचारियों ने मांग करते हुए उक्त प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर बलिनी की पहचान को सुरक्षित रखा जाय, दोषी व्यक्तियों/companion के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाए, किसानों को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बलिनी से जुड़ी महिला किसानो ने कहा कि किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बलिनी की महिला डेयरी किसानों एवं कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री से इस साजिश का पर्दाफाश करवाने की मांग की है। ताकि बलिनी आने वाले समय मे बुन्देलखण्ड की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला किसानों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए समूह के दीदयों को और मजबूत करने का कार्य कर सके ।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

