झांसी। तीन माह पूर्व दलित युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से सिमरधा बांध पर शव फैंकने वाले आरोपी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अनु सूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए उसका शिकायती पत्र को निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह, कपिल ने जानकारी देते हुए बताया कि काशीराम कॉलोनी निवासी श्रीमती अंजना पत्नी जीवन ने 26 नवंबर को थाना सीपरी बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका भाई प्रमोद सरसैया का मोहल्ले की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन युवती द्वारा बाद में उसके भाई की परिजनों से शिकायत करने के बाद भाई ने युवती से मतलब रखना बंद कर दिया था। घटना के एक दिन पहले युवती का भाई राहुल रैकवार, उसके अन्य साथी टकलू, धीरज, शब्बू घर आकर उसके भाई प्रमोद को पार्टी करने की बात कहकर घर से ले गए ओर देर रात तक उसका भाई घर नहीं पहुंचा तो उसके मोबाइल पर फोन लगाया जो बंद जा रहा था। अंजना ने बताया था कि अगले दिन उसी युवती का फोन आया कि उसके भाई का शव सिमरधा बांध पर पड़ा है। अंजना ने आरोप लगाया था कि उसे पूर्ण विश्वास है कि उसके भाई की हत्या युवती के भाई ओर उसके साथियों ने कर के साक्ष्य छिपाने के लिए शव को बांध में फेंक दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में एक आरोपी कैलाश उर्फ टकलू रैकवार निवासी ऑफिसर रेलवे कॉलोनी थाना नवाबाद की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसका शासकीय अधिवक्ता द्वारा विरोध करने पर न्यायालय ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

