Home Uncategorized दिनांक 20 फरवरी से 05 मार्च तक चल रहे विशेष प्रवर्तन अभियान...

दिनांक 20 फरवरी से 05 मार्च तक चल रहे विशेष प्रवर्तन अभियान में जीएसटी, परिवहन विभाग, आरपीएफ/आरएएफ भी करें सहयोग अवैध शराब के कार्य में संलिप्त माफ़ियाओं/तस्करों की सूची टीम को सौंपी, होगी गैंगस्टर/गुण्डा एक्ट के अंतर्गत कठोरतम कार्यवाही संदिग्ध वाहनों की सघनता एवं सूक्ष्मता से की जाए जांच, राष्ट्रीय/ राज्य राजमार्गो पर स्थित ढाबों की आकस्मिक जाँच के दिए निर्देश

22
0

झांसी। आज जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने होली एवं अन्य त्योहारों के दृष्टिगत अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी तथा अवैध अल्कोहल / शीरा के परिवहन पर अंकुश लगाये जाने के दृष्टिगत आबकारी विभाग द्वारा दिनाँक 20 फरवरी 2026 से दिनांक 06 मार्च 2026 तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये। उपरोक्त के दृष्टिगत दिनांक 20.02.2026 से दिनांक 06.03.2026 तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी पर अंकुश लगाने हेतु प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया, टीम का नेतृत्व उप जिलाधिकारी करेंगे। इसके अतिरिक्त टीम में क्षेत्राधिकारी पुलिस एवं संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों को शामिल किया गया हैं।

जिलाधिकारी ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए निर्देश दिए के त्योहारों में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी न हो। इसके लिए गठित टीम क्षेत्र में लगातार सतत निगरानी करते हुए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि गठित टीमों का अभियान के दौरान जी0एस0टी0 , परिवहन विभाग, आर0पी0एफ0/आर0ए0एफ0 का भी यथावश्यक सहयोग करेंगें।

उन्होंने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण/सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त माफियाओं / तस्करों की जो सूची तैयार / उपलब्ध कराई गई है, गठित टीम उनके विरूद्ध स्थानीय पुलिस के सहयोग से गैंगस्टर / गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए उन पर सतत निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने गठित टीम को संदिग्ध वाहनों की सघनता एवं सूक्ष्मता से चेकिंग करने के साथ ही राष्ट्रीय / राज्य राजमार्गो पर स्थित ढाबों, जहां अल्कोहल के टैंकर प्रायः रूकते है, की भी सघन एवं आकस्मिक जांच करने निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध मदिरा के संदिग्ध स्थानों/अड्डों पर छापेमारी की कार्यवाही अवश्य की जाये। पकड़े गये अभियोगों में आबकारी अधिनियम की विद्यमान धाराओं के साथ-साथ आवश्यकतानुसार आई0पी0सी0 की सुसंगत धाराओं में भी एफ0आई0आर0 दर्ज करायी जाय। इसके अतिरिक्त विशेष अभियान के अंतर्गत आबकारी दुकानों एवं थोक अनुज्ञापनों का निरीक्षण चेक लिस्ट के अनुसार किया जाये तथा दुकान पर स्थित स्टॉक के बारकोड व क्यू0आर0 कोड की सूक्ष्मता एवं सतर्कतापूर्वक जांच की जाय। इसके साथ जनपद में ऐसी दुकानें जो सेक्टर/क्षेत्र में सबसे दूरस्थ, जंगल क्षेत्र अथवा निर्जन स्थान पर स्थापित की गई हों, उन दुकानों पर अवैध / मिलावटी शराब बिकने की सम्भावना अधिक होती है, इसकी रोकथाम के लिए ऐसी दुकानों पर सतर्क दृष्टि एवं निगरानी रखा जाना सुनिश्चित करें तथा रैण्डम आधार पर दुकानों की चेकिंग करते हुए मदिरा का नमूना लेकर क्षेत्रीय / केन्द्रीय प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए और नमूना फेल होने की दशा में सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि दुकानों के खुलने के नियत समय से पूर्व एवं पश्चात दुकानों के अनुज्ञापियों / विक्रेताओं द्वारा मदिरा, संलग्न कैन्टीनों से ओवर रेट पर बेचे जाने अथवा कैन्टीन संचालकों से विक्रय कराये जाने की शिकायते भी प्राप्त होती हैं। नियमविरूद्ध ढंग से मदिरा की इस प्रकार की बिक्री में कैन्टीन संचालकों अथवा विक्रेताओं द्वारा अवैध / मिलावटी मदिरा की बिक्री किये जाने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसी स्थिति में निर्देशित किया जाता है कि समय से पूर्व एवं समय के पश्चात कैन्टीन से वैध अथवा अवैध किसी प्रकार की मदिरा की बिक्री कदापि न हो पाये। इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने देशी/विदेशी मदिरा / बीयर एवं माडलशाप की फुटकर बिक्री की दुकानों पर ओवर रेट के सम्बन्ध में रैण्डम टेस्ट परचेज स्वयं, आबकारी एवं प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा कराई जाय। साथ ही ओवर रेट की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल टीम भेजकर शिकायतकर्ता से सम्पर्क कर शिकायत की सघन जांच करायें और शिकायत की पुष्टि पाये जाने पर विकेता एवं अनुज्ञापन के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाय।

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने टीम के सदस्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि दुकानों पर लगे हुए सी0सी0टी0वी0 कैमरों के सुचारू रूप से निरन्तर क्रियाशील रहते हुये रियल टाइम मानिटरिंग की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। जनपद के असेवित क्षेत्रों तथा ऐसे स्थानों जहां पर मदिरा की दुकानें अव्यवस्थित है, यहाँ पर अवैध कारोबार की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुये सतर्क निगरानी रखी जाय। इसके अतिरिक्त उन्होंने एफ0एल0-16/17 एवं एफ0एल0-39, 40 व 41 अनुज्ञापनों तथा पेन्ट, थिनर तथा वार्निश की दुकानों पर सतर्क निगरानी रखे जाने के निर्देश तथा यथावश्यकतानुसार पेन्ट, थिनर तथा वार्निश की दुकानों से नमूना लेकर उसकी जॉच भी कराए जाने का सुझाव दिया।

जिलाधिकारी ने अवैध मदिरा का सेवन न करने एवं अवैध शराब के अड्डों की सूचना देने के सम्बन्ध में विज्ञप्ति समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए जाने तथा इस सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने के लिए पोस्टर, हैण्डबिल भी छपवा कर वितरित कराये जाने के साथ ही इलैक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से भी इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिक्री के कई प्रकरण बन्द पड़ी फैक्ट्रियों में पकड़े गये है, अतएव ऐसी बन्द पड़ी फैक्ट्रियों को चिन्हित कर उन पर सतत् सतर्क दृष्टि रखी जाय।

जिलाधिकारी ने जनपद में अवैध शराब पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए प्रदेश स्तर पर संचालित टोल फ्री नम्बर 14405 तथा व्हाट्सएप नम्बर 9454466019 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाने निर्देश दिए ताकि आम जन द्वारा बिना किसी भय के इन नम्बरो पर अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिक्री की सूचना दी जा सके। जिन आबकारी दुकानों पर उक्त नम्बरों को अंकित नहीं कराया गया है तत्काल उनं दुकानों पर उक्त नम्बरों का अंकन सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कहा कि जनपद अन्य प्रान्तों की सीमा से लगे होने के कारण विशेष सतर्कता बरती जाय एवं नियमित रूप से रोड चेकिंग कराई जाय, जिससें कि किसी भी दशा में अवैध मदिरा की तस्करी न होने पाए।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here