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झांसी को स्वस्थ्य, नियमित, संयमित, बनाने को छ संगठन एक साथ जुड़े

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झांसी। एक कदम स्वस्थ्य, नियमित, संयमित झांसी की ओर बढ़ाते हुए विवाह घर, हलवाई, होटल रेस्टोरेंट, फोटोग्राफर, साउंड, बैंड एवं लाइट संगठन एक साथ एक मंच पर आ चुके है। सभी संगठनों ने झांसी को स्वस्थ्य नियमित संयमित बनाने के लिए नियमों को लागू करते हुए उस पर पालन करने के लिए यह कदम उठाया है। गुरुवार को स्थानीय होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन, हलवाई मजदूर यूनियन, बुंदेलखंड होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन, बुंदेलखंड फोटोग्राफी एसोसिएशन, बुंदेलखंड साउंड एसोसिएशन, बुंदेलखंड बैंड एवं लाइट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि वह सभी लोग झांसी को स्वस्थ्य, नियमित, संयमित बनाने के लिए एक मंच पर खड़े हुए है। उन्होंने नियम बना कर उस पर अम्ल करेंगे। उन्होंने कहा बुंदेलखंड में रात 12 बजे तक ही कार्यक्रम कराएंगे। सभी संगठनों का बड़ा फैसला प्रशासन से भी संगठन अपील करेगा कि उनके इस नियमों का पालन कराने में सहयोग करे। रात्रि दस बजे के बाद सभी साउंड बंद कर दिए जाएंगे। रात्रि बारह बजे तक शादी विवाह समारोह सम्पन्न करा लिए जाएंगे। मजदूर संगठन ने कहा कि वह विवाह घर एवं होटल परिसरों में भोजन व्यवस्था रात्रि बारह बजे तक ही देंगे। उन्होंने आम जन मानस से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने मांगलिक कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र पर अब शाम छह बजे से रात्रि बारह बजे तक ही भोजन का समय रखें। डीजे साउंड एसोसिएशन तथा बैंड लाइट एसोसिएशन ने कहा कि डीजे साउंड सिस्टम केवल रात्रि बारह बजे तक ही चलाएंगे। बूफ़र ओर बेस पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। बैंड एंड लाइट एसोसिएशन ने कहा कि वह हर हाल में रात्रि दस बजे से पहले बारात का भ्रमण बंद कराएंगे। बुंदेलखंड होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने कहा वह इन नियमों का हर हाल में पालन कराएंगे। बुंदेलखंड विवाह एसोसिएशन ने कहा कि विवाह स्थल शाम छह बजे से तैयार मिलेंगे और वह इन नियमों का पालन कराएंगे। उन्होंने कहा कि गैर पंजीकरण फोटोग्राफर, डीजे बैंड, विवाह घर, होटल, रेस्टोरेंट, आदि पर जिला प्रशासन के सहयोग से अंकुश लगाएंगे। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, डीजे साउंड पर नियंत्रण कर न्यायालय के आदेशों का पालन कराएंगे। उन्होंने कहा इससे भविष्य की सुरक्षा है, देर रात तक कार्यक्रम न चलने से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएंगी। विवाद ओर अव्यवस्था की आशंकाएं कम होंगी। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुशासित और सुरक्षित समाज की नींव रखेगी।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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