झाँसी न्यूज़

दरोगा पर ऑन लाइन रिश्वत लेने और दबंगों को संरक्षण देकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराने का आरोप, जांच के आदेश

झांसी। ग्राम प्रधान ने रक्सा थाना में तैनात रहे दरोगा पर ऑन लाइन रिश्वत लेकर दबंगों को संरक्षण देकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाकर एसएसपी को शिकायती पत्र दिया है। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच के निर्देश जारी कर दिए है। रक्सा के ग्राम पंचायत से प्रधान राजेंद्र सिंह राजपूत ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पंचायत क्षेत्र के ग्राम प्रधान भी है और भूमि प्रबंधन समिति का पदेन अध्यक्ष भी है। उसने आरोप लगाते हुए बताया कि माह मई 2026 में उसकी ग्राम पंचायत में पड़ी सरकारी भूमि पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जिसकी सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचा और निर्माण कार्य करने वालों को निर्माण कार्य जब तक लेखपाल और कानून गौ, राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर जांच पड़ताल नहीं कर ले तब तक बंद करने के लिए कहा। जिस पर अवैध कब्जा कर रहे रसूखदार दबंगों ने निर्माण कार्य नहीं रोका, जिसकी लिखित शिकायत ग्राम प्रधान ने थाना रक्सा में दी थी जिसकी जांच रक्सा थाना में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक को मिली थी। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाते हुए बताया कि जांच कर रहे तत्कालीन उपनिरीक्षक ने उसे फोन कर कहा कि यह बड़ा काम है, निशुल्क नहीं होगा इसके कम से कम दस हजार रुपए लगेंगे, इस पर ग्राम प्रधान ने अपने बैंक अकाउंट के फोन पे नम्बर से उक्त उपनिरीक्षक को तीन हजार रुपए भेजे और कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं अभी इतने से ही काम चलाओ बाकी पैसा आपको धीरे धीरे करके दूंगा। ग्राम प्रधान ने बताया कि इसके बाद उक्त उपनिरीक्षक ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे भू माफियाओं को संरक्षण देकर निर्माण कार्य पूरा करा दिया और उक्त उपनिरीक्षक उसे लगातार धमकाता की अगर इस कार्य की शिकायत की तो तुम्हारे खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भिजवा दूंगा। ग्राम प्रधान ने बताया कि वह उक्त उपनिरीक्षक से काफी भयभीत था, बीते दिनों एसएसपी द्वारा उनका तबादला मऊरानीपुर कर दिए जाने के बाद भी वह व्यक्तिगत रूप से मिलकर बाकी के सात हजार रुपए की मांग कर रहा है, जिससे वह काफी प्रताड़ित होकर आज शिकायत करने आया है। ग्राम प्रधान ने उपनिरीक्षक के फोन पर किए ऑन लाइन ट्रांजेक्शन और फोन पर हुई वार्ता की क्लिप भी शिकायती पत्र में संलग्न की है। एसएसपी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए है।पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ग्राम प्रधान द्वारा लगाए गए उपनिरीक्षक पर आरोपों में कितनी सच्चाई है, साथ ही जो तीन हजार रुपए ऑन लाइन रिश्वत देने का मामला है जांच में स्पष्ट होगा कि ग्राम प्रधान ने वह तीन हजार रुपए रिश्वत दी थी या कुछ और ही मामला है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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