अपर जिलाधिकारी ने 22 अक्टूबर की शाम तक सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील करने का दिया निर्देश समस्त परीक्षा केन्द्रों पर समय से पहले आधारभूत सुविधाओं को करायें सुनिश्चित : अपर जिलाधिकारी

झांसी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा दिनांक 25 व 30 अक्टूबर, एवं 01 नवम्बर 2026 को दो पॉलियों में (पूर्वान्ह 10 बजे से 12 बजे तक व अपरान्ह 03 बजे से 05 बजे तक) जनपद के निर्धारित 37 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने वाली प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2026 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन, निर्विघ्न एवं सकुशल सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनपद में 37 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने वाली उक्त परीक्षा में कुल 15697 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि 22 अक्टूबर की शाम तक प्रत्येक दशा में सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील कर दिए जाएं। बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों की सूची पहले से उपलब्ध कराई जाए, ताकि सुरक्षा के दृष्टिगत उनका सत्यापन कराया जा सके। उन्होंने सभी कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लिखित रूप में निर्धारित करते हुए उनकी सूची परीक्षा से पूर्व उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर बिजली, साफ-सफाई, शौचालय एवं पेयजल सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समय से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाई जाए तथा उसका समय सही समय से मिलान कर लिया जाए। अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा की निर्धारित तिथि पर अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर समय से पहुंचकर सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि बैठक के उपरान्त अपने-अपने आवंटित परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर केन्द्र व्यवस्थापक एवं सहायक केन्द्र व्यवस्थापक से समन्वय स्थापित करें तथा परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का समय रहते सत्यापन कर लें। अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा की प्रत्येक तिथि को सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने आवंटित केन्द्रों पर भ्रमणशील रहकर परीक्षा को सुचारु एवं सकुशल सम्पन्न कराना सुनिश्चित करेंगे। अपर जिलाधिकारी ने सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे परीक्षा की प्रत्येक तिथि को प्रातः 06 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने आवंटित परीक्षा केन्द्र पर पहुंच जाएं। केन्द्र पर पहुंचने के उपरान्त कलेक्ट्रेट में स्थापित परीक्षा नियंत्रण कक्ष पर अपनी उपस्थिति की सूचना देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपनी निगरानी में परीक्षा की शुचिता बनाए रखते हुए परीक्षा सम्पन्न कराएंगे। समस्त केन्द्र व्यवस्थापक परीक्षा को नकलविहीन, निर्विघ्न एवं सकुशल सम्पन्न कराने तथा परीक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होंगे। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा पूर्व से ही प्रभावी है। इसके दृष्टिगत परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में तथा आवश्यकता पड़ने पर उससे बाहर भी केन्द्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, परीक्षार्थियों एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा की तिथियों में परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में तथा आवश्यकता पड़ने पर उससे बाहर भी फोटोस्टेट/कॉपीयर की दुकानें बंद रहेंगी। कोई भी व्यक्ति अथवा परीक्षार्थी शस्त्र या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्र परिसर में मोबाइल फोन, पेजर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केन्द्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा परीक्षा अवधि में पीसीओ, फैक्स, इंटरनेट एवं अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का संचालन भी नियमानुसार प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने सेक्टर ऑस्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत परीक्षा केन्द्रों पर भ्रमणशील रहकर शान्ति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा केन्द्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण मनोयोग, सत्यनिष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ परीक्षा सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी कार्मिक की लापरवाही से उत्पन्न होने वाली समस्या अथवा अनियमितता की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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