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32 वर्षों की आस्था और परंपरा का प्रतीक बना भगवान श्री झूलेलाल चालीहा महोत्सव

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झांसी। भगवान श्री झूलेलाल जी के चरण सेवक स्वर्गीय श्री तेजभान चंगाणी जी द्वारा वर्ष 1994 में झाँसी में प्रारंभ किया गया यह पावन चालीहा महोत्सव आज 32 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुका है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को एकजुट करने, सेवा एवं सद्भाव की भावना को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण परंपरा बन चुका है।

इस वर्ष भी भानु बुक वर्ल्ड, नंदनपुरा में आयोजित महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज स्वामी पंडित देवीदास शर्मा ‌द्वारा भगवान श्री झूलेलाल जी की पवित्र ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। ज्योति के दर्शन एवं पूजन के लिए सिंधी समाज सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने पुण्य लाभ अर्जित किया।

डबरा से पधारे संत श्री छोटूराम जी ने सत्संग के माध्यम से प्रेम, सद्भाव एवं मानवता का संदेश दिया। विजय केशवानी एंड पार्टी द्वारा संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

समापन अवसर पर भगवान श्री झूलेलाल जी की पवित्र ज्योति को फूलों से सजाकर बेलवा नदी, ओरछा में विधि-विधान से विसर्जित किया गया।

इस अवसर पर सीपरी सिंधी पंचायत के कार्यवाहक अध्यक्ष मोहन बिनयानी, शहर पंचायत के अध्यक्ष, हरीश हासानी, लक्ष्मी नारायण चंगानी, लेखराज चंगानी, रमेश वर्यानी, किशन ख्यानी, लक्ष्मण रमानी, हेमंत लाला, अनिल गुरनानी, विजय चंगानी, सुरेश मानकानी, अंकुश केशवानी, सोनू राजपाल, शालिनी गुरबख्शनी, राधा, पायल, हर्षा, भावना, तान्या, दीप्ति, पूजा, तारा केशवानी, आदि उपस्थित रहे। नितिन एवं नवीन चंगानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में श्रीमती ज्योति चंगानी ने आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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