
झांसी। शारदीय नवरात्रि के आखिरी दिन दशहरा पर जनपद में पंडालों में सजी मां दुर्गा, मां काली की नौ दिन उपासना करने के बाद उन्हें भक्तों ने नम आंखों से विदाई देते दी। मां के विसर्जन यात्रा में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और तालाबों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। झांसी के शहर मानिक चौक से से लेकर लक्ष्मी ताल तक पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद रही। वही खटीक समाज की मेवाती पुरा से मां काली की विसर्जन यात्रा और उनके दर्शन करने के लिए पचकुइया मंदिर तिराहा से लेकर मानिक चौक, बड़ा बाजार, लक्ष्मी गेट तक हजारों की संख्या में महिला, बच्चों, पुरुष श्रद्धालुओं का जन सैलाब मौजूद रहा। मेवाती पुरा खटीक समाज की मां काली की प्रतिमा करीब चार बजे जैसे ही मानिक चौकी सिंधी तिराहा पहुंची वहां दुर्गा उत्सव महासमिति के पदाधिकारियों ने फूल माला वर्षा कर उनका स्वागत किया और नव आंखों से विदाई दी। इस दौरान मां के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। वही सीपरी बाजार के पहुंज बांध, सिमरधा बांध, पहुंज डैम, आदि स्थानों पर भी सुबह से देर रात तक दुर्गा प्रतिमाओं की विसर्जन का सिलसिला चलता रहा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
