झांसी। छेड़खानी और पोस्को एक्ट के मामले में हिरासत में लिए गए वृद्ध ने थाना के टायलेट के अंदर गमछे से फांसी लगा ली। पुलिस ने उसे एन वक्त पर देख कर फंदे उतार कर पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। थाना परिसर में पुलिस हिरासत में आत्महत्या के प्रयास के करने के मामले से पूरे इलाक़े में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल की। सोमवार की दोपहर बाद वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक गुरसराय के सिगार गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद 62 वर्षीय पर मासूम बालिका नौ वर्षीय के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के आरोप में गुरसराय थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आज सुबह थाना परिसर में उस समय सनसनी फैल गई जब वृद्ध राजेंद्र प्रसाद को दैनिक क्रिया के लिए टायलेट में ले जाया गया। जहां उसने अपने गमछे से फंदा बनाकर गले में डाल लिया और उस पर झूल गया। काफी समय तक टॉयलेट से बाहर नहीं निकलने पर पुलिस कर्मियों ने अंदर देखा तो राजेंद्र प्रसाद फंदे पर लटका था। तत्काल पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतार कर पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां हालत बिगड़ने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज भेज दिया। जहां उपचार के दौरान दोपहर बाद चिकित्सकों ने वार्ड को मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वही मृतक के पुत्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पिता पर साजिशन झूठा आरोप लगाया गया है। जिस बच्ची के साथ छेड़खानी का आरोप लगाया गया था बच्ची कहनेर के फूल तोड़ रही थी जिसे मना करने पर बच्ची अपने घर चली गई। उसके बाद बच्ची और उसके परिजनों तथा गांव के प्रधान ने झूठी कहानी बनाकर उसके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। उसने बताया कि उसके पिता आत्महत्या नहीं कर सकते उसने निष्पक्ष जांच की मांग करते कहा कि उसके पिता की मौत में कोई बड़ा षड्यंत्र है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

