झांसी। रक्सा थाना में बीड़ा में आने वाली अलग अलग इलाकों की जमीनों पर अलग अलग तरीके से माफियाओं ने हरे भरे पेड़ काटकर, बालू और मिट्टी का खनन कर आर्थिक लाभ उठाया। लेकिन मुकदमा एक ही एफआईआर में अलग अलग घटनाओं के दर्ज कराए गए। मुकदमा भी पेड़ चोरी करने और मिट्टी चोरी का अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया है। दर्ज कराए गए मुकदमे में सरकारी संपत्ति का नुकसान, वन विभाग और खनिज विभाग के नियमों का उल्लंघन का कही जिक्र नहीं किया गया। यह कही न कही सरकारी जमीन से बालू, मिट्टी का अवैध खनन और वन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर काटे गए हरे भरे पेड़ो को काटकर आर्थिक लाभ कमाने वाले माफियाओं को राहत देगा।
आपको बतावडे कि भूत पूर्व सैनिक कल्याण के एक्स सूबेदार अरुण कुमार सिंह ने रक्सा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह बीड़ा के प्रवर्तन दल में में तैनात है। 30 जुलाई 2026 को वह रक्सा के पूनावली 9.10 गाटा संख्या, और डोंगरी के 108.96 में निरीक्षण करने अपनी टीम के साथ गए तो वहां पुनावली में अज्ञात लोगों द्वारा भारी मात्रा में बीड़ा की जमीन से अवैध खनन कर मिट्टी चोरी कर ली गई। वही डोंगरी में अज्ञात लोगों द्वारा पेड़ चोरी कर लिए गए। ग्राम बाजना में गाटा संख्या 11.12 में भी अज्ञात लोगों ने मिट्टी का और पेड़ों को काटकर चोरी कर लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
इस दर्ज कराए गए मुकदमे में कही भी अवैध खनन और पेड़ों को काटने का जिक्र नहीं किया गया। पेड़ काटने और बालू मिट्टी का अवैध खनन पर भारी जुर्माना राशि लगती है। लेकिन एफआईआर में होने वाली त्रुटि से कही न कही आरोपियों को लाभ मिलना तय है। यही नहीं जब जमीन बीड़ा में आ चुकी तो एफआईआर में सरकारी संपत्ति का नुकसान क्यों नहीं दर्शाया गया। ऐसे कई सवाल इस एफआईआर ने खड़े कर दिए जो मिट्टी और बालू का अवैध खनन और पेट काट कर करोड़ों का आर्थिक लाभ लेने वाले माफियाओं को और जिन वाहनों से यह अवैध कारोबार हुआ उन्हें काफी हद तक लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

