
झांसी। भारत के एक मात्र राजर्षि की उपाधि से विभूषित भारतरत्न पुरुषोत्तमदास टण्डन की जयन्ती अखिल भारतीय खत्री महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जातिरत्न कमल किशोर मेहरौत्रा के निर्देश पर आज पंजाबी सभा भवन पर खत्री शरद कंचन की अध्यक्षता तथा अखिल भारतीय खत्री महासभा के राष्ट्रीय महामन्त्री जातिगौरव विजय खन्ना के मुख्य आतिथ्य में मनाई गयी। सर्व प्रथम अध्यक्ष तथा मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर टण्डन जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। उक्त अवसर पर शरद कंचन जी द्वारा अपने `उद्बोधन में कहा कि राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन जी हिन्दी के प्रेमी थी तथा अंग्रेजी का भरपूर ज्ञान होते हुये भी उनके द्वारा कभी भी ना तो अंग्रेजी में कार्य किया। टण्डन जी 1909 में जलियावाला बाग की जांच के लिये बनी कमेटी के सदस्य, 1950 में भारतीय कांग्रेस के सभापति, 1952 में लोकसभा तथा 1956 में राज्य सभा के लिये चुने गये। 3 अक्टूबर 1960 में इलाहाबाद की सार्वजनिक सभा में डा० राजेन्द्र प्रसाद ने उन्हें राजर्षि की उपाधि से सम्मानित किया। अध्यक्ष जी द्वारा सभा के कार्यों की जानकारी देते हुये बताया कि पूर्व में झॉसी की खत्री सभा हमारे अध्यक्ष विजय खन्ना के कार्यकाल में मेधावी छात्र/छात्राओं को आर्थिक सहायता, विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिये परिचय सम्मेलन आदि की समाज हित में कार्य कराये जाते रहे हैं। उनके समाज के सर्वोच्च पद राष्ट्रीय महामंत्री पद पर पहुँचने पर हम सभी को उनके कार्यों को सम्पादित करना होगा। मुख्य अतिथि द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि आज खत्री समाज द्वारा अपनी कार्यकारिणी के प्रयास से कार्य किये जा रहे हैं। कार्य वास्तव में उनकी समाज के प्रति सच्ची लगन का परिणाम है।
किये जाने के कारण राजर्षि की उपाधि से विभूषित एक मात्र व्यक्ति की जयन्ती प्रशासनिक स्तर पर नही मनाई जा रही है।
उक्त अवसर पर कमल सहगल, संदीप सैनी, अजय सहगल, सी.ए. निमेश खन्ना, श्रीमती मीनू खन्ना, श्रीमती दीपिका खन्ना, श्याम कौशल, दीपक अरोरा, सूरज मलिक, संजय चड्डा, कन्हैया कपूर (पार्षद), बी. के. बट्टा, जितेन्द्र कंचन, विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश राजवधा द्वारा किया गया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

