झांसी। बाबा का अटा की वेशकीमती जमीन की खरीद फरोख्त के चल रहे प्रकरण में जांच करने मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने जांच पड़ताल की। वही इस मामले में अभी तक दो पक्ष सामने आ रहे थे। लेकिन मीडिया की सुर्खियों बनने के बाद अब तीसरा पक्ष दुर्गा प्रसाद गिरी भी मीडिया के सामने आ गए। उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन की महंत ने खरीद फरोख्त कर के बेच दी उस जमीन पर पूर्व से ही स्टे ऑर्डर है। इसके बावजूद उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही है।
आपको बता दे कि पिछले दिनों एक महंत ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि बाबा के अटा पर स्थित जमीन की खरीद फरोख्त के नाम पर उनके साथ कई लोगों ने ठगी कर ली ओर वह लोग जितनी जमीन है उससे ज्यादा की रजिस्ट्री करने का दबाव बना रहे है। एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंप दी थी। वही इसी मामले में दूसरे पक्ष दिलीप पांडे, नत्थू कुशवाहा, एडवोकेट रिजवान जैद मंसूरी ने डिप्टी सीएम सहित पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि एक महंत ने उन्हें बाबा के अटा पर स्थित जमीन की बिक्री करने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से 78 लाख रुपए ले लिए ओर अब रजिस्ट्री नहीं कर रहे है। इस मामले में भी जांच चल रही है। अभी यह दोनों पक्ष आमने सामने थे। इसी बीच इसी जमीन से जुड़ा तीसरा पक्ष बाबा का अटा के पास निवासी दुर्गा प्रसाद गिरी आज मीडिया के सामने खुल कर आ गए उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी बाबा का अटा के पास झांसी में गाटा संख्या 214 शामिल खाते की जमीन है। उनके अन्य साथियों से महंत ने बिना उनकी मर्जी, बिना किसी समझौते ओर बिना किसी कानूनी आदेश बंटवारे के रजिस्ट्री करा ली। इस जमीन में उनका भी हिस्सा पड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि महंत जमीन पर प्लॉट बनाकर बेच रहे ओर उन्होंने चार रजिस्ट्रियां कर दी। इसलिए उन्होंने उप जिलाधिकारी की न्यायालय में बाद दायर किया था। जिस पर न्यायालय में विपक्षी महंत ने जबाव लगाया कि इनके पास स्टे ऑर्डर लेने का कोई ठोस आधार नहीं। दुर्गा प्रसाद गिरी ने बताया उन्होंने न्यायालय के समक्ष वह रजिस्ट्रियां पेश की जिस पर महंत ने चार पांच लोगों को प्लॉट बेच दिए। इसके बाद न्यायालय ने मामला गंभीर मानते हुए उक्त जमीन की खरीद फरोख्त, ओर निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए स्टे ऑर्डर दे दिया। वही मंगलवार की देर शाम सीओ सिटी रामवीर सिंह उक्त जमीन पर पहुंचे उन्होंने मौका मुआयना किया। इस दौरान सीओ सिटी ने कहा कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्हें जांच मिली है अभी जांच शुरू करते हुए उक्त जमीन का निरीक्षण ओर यथा स्थिति का निरीक्षण किया है। अब दोनों पक्ष को बुलाकर मामले की दस्तावेज देखे जाएंगे उसके बाद जांच में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा


