झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दो अलग अलग मामलों की सुनवाई करते हुए आठ वर्षीय बालक ओर 17 वर्षीय किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने ओर उनके साथ यौन उत्पीड़न करने के मामले में आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर उनका जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की और से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने समथर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 25 जुलाई 2024 को उसका आठ वर्षीय पुत्र घर पर अकेला था। तभी दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच समथर के नई बस्ती निवासी धर्मपाल व्यास उसके घर पहुंचा ओर उसके आठ वर्षीय पुत्र को टॉफी खिलाने का लालच देकर अपने साथ अपने घर ले गया जहां आरोपी ने उसके पुत्र के साथ अप्राकृतिक कुकर्म किया। जब उसका पुत्र देर शाम तक घर नहीं लौटा तो उसने व क्षेत्रवासियों ने बच्चे की खोजबीन की तो बच्चा धर्मपाल व्यास के कमरे में नग्न अवस्था में पड़ा था और धर्मपाल व्यास मौके से भाग गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश कर दिया था। वही अभियोजन ने दूसरी घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने 27मार्च 2026 को प्रेमनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री बीएड की तैयारी कर रही है। उसकी पुत्री स्कूल गई थी इसके बाद घर लौट कर नहीं आई। काफी खोजबीन करने पर जानकारी हुई कि उसकी नाबालिग पुत्री को उसका रिश्तेदार जिला कानपुर के चकर पुर मंडी निवासी शाहिद खान उर्फ मुन्ना अपने साथ बहला फुसला कर भगा ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान ओर मेडिकल साक्ष्य के आधार मुकदमे धाराओं की बढ़ोत्तरी कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था।
आज न्यायालय में दोनों अलग अलग मामलों के आरोपियों ने जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियोजन के मुताबिक दोनों आरोपियों को अभी जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

