झांसी। जीएसटी में फर्जी बिल बनाकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की हानि पहुंचा कर खुद को आर्थिक लाभ लेने वाले आरोपी को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि नवाबाद थाना पुलिस ने 10 अगस्त 2025 को दिल्ली के रोहिणी बेगमपुर व हाल निवासी सिरसा सीटी हरियाणा निवासी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ जीएसटी में फर्जी बिल बना कर कई फर्म के नाम पर करोड़ों रुपए का सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा कर खुद को लाभ अर्जित किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में आरोपी पक्ष की ओर से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्ष सुनने के बाद आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

