
झांसी। शहर के अंजनी माता मंदिर के उस समय हड़कंप मच गया जब देर रात राहुल कोष्टा के घर में जहरीले जीव विषखोपड़ा के दिखाई देने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। घर के भीतर तेजी से घूम रहे विषखोपड़ा को देखकर परिजनों में दहशत फैल गई। हालांकि सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और फॉरेस्ट विभाग के सब इंस्पेक्टर मनोज श्रीवास अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 30 मिनट तक चले इस अभियान में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि विषखोपड़ा की चलने और छलांग लगाने की रफ्तार बेहद तेज थी।
रेस्क्यू के दौरान एक बार विषखोपड़ा टीम की पकड़ से छूटकर भागने की कोशिश भी करने लगा, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। लेकिन वन विभाग की टीम ने सतर्कता और तेजी दिखाते हुए उसे दोबारा काबू में कर लिया। काफी प्रयासों के बाद आखिरकार विषखोपड़ा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने वन विभाग की टीम की तत्परता और साहस की सराहना की। क्षेत्रीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी और सभी रेस्क्यू अभियान को देख रहे थे।
फॉरेस्ट विभाग के सब इंस्पेक्टर मनोज श्रीवास ने बताया कि विषखोपड़ा को लेकर लोगों में अक्सर डर बना रहता है, लेकिन यह उतना ज्यादा जहरीला नहीं होता जितना लोग समझते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए और खुद पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
रेस्क्यू के सफल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम विषखोपड़ा को सुरक्षित स्थान पर ले गई, जहां उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

