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‘इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट” की वीसी के माध्यम से जिलाधिकारी ने ली जानकारी किसानो को ड्रिप इरीगेशन व स्प्रिंकलर द्वारा सिंचाई की जानकारी देते हुए करायी जाए खेती : जिलाधिकारी 

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झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बुन्देलखण्ड विशेष रुप से विकास खण्ड बबीना में पानी के इंतजाम की परियोजना के लिये उ0प्र0 सरकार और इजराइल के जल संस्थान मंत्रालय के मध्य ‘‘प्लान आफ को-ऑपरेशन’’ (सहयोग योजना) की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी लेते हुए समीक्षा की। योजना का मुख्य उददेश्य बुन्देलखण्ड में पानी के संकट से जूझ रहे इस विशेष क्षेत्र के लिये पेयजल सहित सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिये बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालीन सुधार के लिये ‘‘प्लान आफ को-ऑपरेशन’’ के जरिए ‘‘इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट’’ (भारत-इजराइल बुन्देलखण्ड जल परियोजना) इजराइल द्वारा विकसित किया जा रहा है, उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित अधिकाारियों के साथ आज के लिए जिनसे आठ घंटों किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, जियोफिजिस्ट ग्राउण्ड वाटर डिपार्टमेंट, सिंचाई विभाग एवं जल निगम से अब तक किए गए विभागीय कार्यो की जानकारी लेते हुए क्षेत्र में इंडिया इजराइल बुन्देलखण्ड “वाटर प्रोजेक्ट” की पूर्ण जानकारी कृषकों को प्रदान करने हेतु बैनर /पम्पलेट लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा के दौरान यह भी निर्देश दिए कि चयनित कृषकों द्वारा अपनायी जा रही परम्परागत कृषि पद्धतियों एवं परियोजनान्तर्गत प्रस्तावित उन्नत इजराइली कृषि तकनीकों/पद्धतियों के मध्य तुलनात्मक अध्ययन कर उससे होने वाले लाभ का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर कृषकों को प्रोसाहित किया जायें।

जिलाधिकारी ने वाटर प्रोजेक्ट की जानकारी लेते हुए किसानों के मध्य परियोजना से सम्बन्धित समझौते के संबंध में उत्पन्न होने वाली शंकाओं एवं भ्रमों के निवारण हेतु सरल एवं स्पष्ट ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) का संकलन तैयार किया जाना आवश्यक है, जिसे संबंधित कृषकों को वितरित किया जाएगा, जिससे वे योजना की शर्तों एवं लाभों के संबंध में पूर्णतः अवगत हो सकें, इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्राम स्तर पर कृषकों को ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)’ का वितरण कर उन्हें भली-भांति समझाए जाने के उपरांत, संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल, जिला कृषि अधिकारी एवं भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी द्वारा ग्राम स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। उक्त बैठक में कृषकों से प्राप्त फीडबैक संकलित कर आगामी बैठक से पूर्व अवगत कराया जाये। उन्होंने ग्राम स्थित तालाब में प्रवाहित हो रहे नाले के अपशिष्ट जल के प्रभावी प्रबंधन एवं शोधन हेतु, तालाब में प्रविष्टि से पूर्व एक वेस्ट स्टेबलाइजेशन पॉण्ड के निर्माण का निर्णय लिया। उक्त कार्य हेतु आवश्यकतानुसार मनरेगा से सहयोग लिया जा सकता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में अधिशासी अभियन्ता, भूगर्भ जल विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा “इंडिया इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट” की सम्पूर्ण जानकारी देते हुए अधिशासी अभियंता ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना “इंडिया इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट” बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल की समस्या के समाधान हेतु इजराइल सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही है।

परियोजनान्तर्गत प्रस्तावित उन्नत इजराइली कृषि तकनीकों/पद्धतियों का प्रदर्शन विकासखण्ड बडागाँव की ग्राम पंचायत गंगावली मिनी पायलट डी० एण्ड बी० में 10 हेक्टे. कृषिकों की कृषि भूमि पर किया जाना है। यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2022-23 में उक्त परियोजना हेतु कृषकों का चयन किया गया तथा कृषकों से औपचारिक सहमति ली गयी परियोजना के कार्यों के दौरान कोई बाधा न हो इसके लिए कृषको, कार्यदायी फर्म तथा विभाग के मध्य त्रिपक्षीय समझौता / अनुबन्ध किया जाना आवश्यक है, परन्तु कार्य प्रारभ्म करने से पूर्व त्रिपक्षीय समझौता करने में कृषकों द्वारा असहमति व्यक्त किया गया जिससे परियोजना क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है।

उप जिलाधिकारी, सदर द्वारा अवगत कराया गया कि तालाब की पैमाईस का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। टीम द्वारा (राजस्व विभाग/कृषि विभाग/भूगर्भ जल विभाग) गाँव में परियोजना की जानकारी दी गयी है परन्तु कृषकों द्वारा अभी भी असहमति व्यक्त की जा रही है साथ ही यह सुझाव दिया गया कि भूगर्भ जल विभाग द्वारा तैयार त्रिपक्षीय समझौते को संक्षिप्त एवं सरल बनाया जाना आवश्यक है, जिससे कृषकों द्वारा उसे आसानी से समझा जा सके तथा एग्रीमेंट की प्रक्रिया अतिशीघ पूर्ण की जा सके।

बैठक के अन्त में निदेशक द्वारा परियोजना की महत्ता के दृष्टिगत जिलाधिकारी महोदय, झॉसी द्वारा दिये गये सभी निर्देशों का अक्षरसः पालन करते हुए परियोजना को आवश्यक गति प्रदान करना सुनिश्चित करें, बैठक धन्यवादोंपरान्त समाप्त हुई।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, मनीष कन्नौजिया उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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