झांसी। मुकदमे में आरोपी को सजा दिलाने में अहम भूमिका पैरवी की होती है, पैरवी अगर ठोस हो तो अपराधी सलाखों में रहेगा ओर उसे अपने गुनाह का पछतावा भी करना पड़ता है। ऐसे ही एक बहु चर्चित अरविंद यादव हत्याकांड में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी मृदुलकांत श्रीवास्तव की ठोस पैरवी के चलते आरोपी को जमानत नहीं मिल सही।
झांसी में सात माह पूर्व दिन दहाड़े हुए ग्राम भोजला में बहु चर्चित अरविंद यादव हत्याकांड के आरोपी संजय यादव को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इनकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। वही इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियोंपत कड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने सभी पर रासुका की कार्यवाही करते हुए उसे तामील करा दी है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 7 सितंबर 2025 को थाना सीपरी बाजार के ग्राम भोजला में दिन दहाड़े अरविंद यादव की चौराहे पर पुरानी रंजिश के चलते गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद से आरोपी फरार हो गए थे। यह बहु चर्चित हत्याकांड काफी चर्चाओं में रहा था। पुलिस ने चुनौतीपूर्ण तरीके से सभी आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। पिछले सात महीनों से जेल में बंद सभी आरोपियों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने रासुका की कार्यवाही की थी। आज न्यायालय में आरोपी संजय यादव की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद आरोपी को जघन्य हत्याकांड में जमानत देने से इनकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। वही आरोपियों पर रासुका भी तमिल कराई गई। आरोपियों को अभी जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

