झांसी। आयकर अधिवक्ता संघ (रजि.) झांसी एवं सीए एसोसिएशन की संयुक्त बैठक 27 अप्रैल 2026 को राज्य कर विभाग, झांसी में आयोजित की गई। बैठक में अपर आयुक्त ग्रेड-1 डीके सचान की अध्यक्षता में व्यापारियों एवं करदाताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विभाग द्वारा बिना रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों की गहन समीक्षा, आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के मामलों तथा बिलिंग से संबंधित अनियमितताओं पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध फर्मों एवं केवल बिलिंग करने वाले कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्ष ऐसी 21 फर्मों की पहचान भी की गई थी।
सीए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में नोटिस का संतोषजनक जवाब देने के बावजूद अधिकारियों द्वारा एकतरफा कार्रवाई करते हुए व्यापारियों के खातों से धनराशि आहरित की जा रही है, जिससे व्यापारियों में असंतोष है। साथ ही, जीएसटीआर-9 और 9सी दाखिल करने के बाद भी मासिक रिटर्न दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।
आयकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय खत्रा ने कहा कि पुराने बकाया मामलों में बिना समुचित मिलान के वसूली की कार्रवाई की जा रही है, जबकि पोर्टल पर कोई बकाया प्रदर्शित नहीं हो रहा। उन्होंने धारा-32 के प्रार्थना पत्रों के शीघ्र निस्तारण की भी मांग उठाई।
बैठक में संयुक्त आयुक्त (वि0अनु0), उपयुक्त प्रशासन सहित अधिवक्ता एवं सीए एसोसिएशन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी समस्याओं को सुनने के बाद अपर आयुक्त डीके सचान ने आश्वासन दिया कि विभाग स्तर पर इनका शीघ्र समाधान किया जाएगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

