
झांसी। 13 महीने से जेल में बंद अभियुक्त को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम आदित्य चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त पर एक दलित महिला द्वारा अवैध संबंध बनाने से इनकार करने पर उसकी चाकू मारकर हत्या करने देने का संगीन आरोप है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह / कपिल ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 नवंबर 2024 को श्रीमती रानी अहिरवार शाम करीब पांच बजे अपने घर से बाजार जा रही थी। तभी बड़ागांव के ग्राम छपरा निवासी कमलेश कुशवाहा हाथ में तलवार लेकर रास्ता रोक कर खड़ा हो गया ओर जबरन अवैध संबंध बनाने के लिए धमकाने लगा। इससे पहले भी आरोपी कई बार दलित महिला को अवैध संबंध बनाने के लिए प्रताड़ित कर चुका था। लेकिन महिला द्वारा विरोध करने पर आरोपी कमलेश ने महिला के पेट में तलवार से कई बार कर दिए जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई ओर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला ने मृत्यु पूर्व अस्पताल में आरोपी के खिलाफ गवाही दी थी। घटना के दो दिन बाद महिला की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी कमलेश कुशवाह के खिलाफ बीएनएस 103/1, एस सी एस टी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। मामला न्यायालय में ट्रायल पर है, आरोपी की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसका शासकीय अधिवक्ता द्वारा विरोध किया गया। न्यायालय ने आज जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

