हिंदू उत्सव महासमिति ने मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन, दुर्गा उत्सव पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग

झांसी। हिंदू उत्सव महासमिति ने आज मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए दुर्गा उत्सव पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 28 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।शुक्रवार को सनातन हिन्दू उत्सव महासमिति के अध्यक्ष अंचल अड़जरिया के नेतृत्व में आगामी दुर्गा उत्सव से संबंधित समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन दिया। जिसमें बताया सिंधी तिराहे से कंधे पर कुल 22 प्रतिमायें व मानिक चैक, बड़ा बाजार होकर अधिकतम 90 प्रतिमायें विसर्जन के लिए जाती है। यह आयोजन अधिकतम 3 बजे शुरू होकर 6 बजे तक समाप्त हो जाता है। अन्य स्थानों पर जिले भर में करीब 954 प्रतिमायें इस वर्ष बैठेंगी। अतः सिर्फ एक जगह ध्यान न देकर सम्पूर्ण जिले में व्यवस्था हो व दुर्गा उत्सव अच्छी तरह से हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाये ।मानिक चैक से लक्ष्मीताल जाने वाले प्रतिमायें बैण्ड के साथ, ढोल के साथ व ट्रेक्टर ट्राली, और लोडिंग आॅटो से जाने वाली प्रतिमायें अधिकतम 4 साउण्ड बाॅक्स लगाकर जाती है एवं ग्रामीण क्षेत्र व अन्य स्थलों की प्रतिमायें डी0जे0 के साथ जाती है। यह परम्परागत रूप से चला आ रहा है।नवरात्र में अनेकों जगह गरबा व डाडिंया उत्सव का आयोजन होता है जिसमें आयोजनकर्ताओं से अनुमति देते समय यह सुनिश्चित किया जाये कि आधार कार्ड देखकर ही इन उत्सव में प्रवेश दें किसी भी विधर्मी का प्रवेश न हो क्योंकि दुर्गा जी को प्रसन्न करने का डाडिंया व गरबा उत्सव भक्ति प्राप्ति का एक माध्यम है। अतः ऐसे उत्सवों में फूहड़ गीत न बजाये जाये सिर्फ धार्मिक धुनों पर यह आयोजन हो। खान-पान की वस्तुयें बेचने वालों पर कड़ी नजर रखी जाये जिससे अशुद्ध कर वस्तुओं की विक्री, खान-पान की चीजों की विक्री न हो सके क्योंकि अधिकतर लोगों के 9 दिन तक व्रत रहते है। खाद्य विभाग की टीमों को भेजकर ऐसे ठेलों की जो महावीर, कृष्णा आदि नामों से फल, जूस, कुल्फी, शेक इत्यादि बेचते है। व बिना आर0टी0ओं की परमीशन के गाड़ियों को माॅडीफाइड कराये है। इन पर सख्त कार्यवाही की जाये। समस्त प्रतिमाओं के समीप सुबह-शाम सफाई एवं चूने की व्यवस्था कराई जाये।11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक बिजली की आपूर्ति आरती के समय 7 से 10 तक निर्वाध रूप से रहे । प्रयास रहे कि 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति होती रहे ।झाॅसी जिले में विर्सजन के रास्ते में जो पेड़ो की डालियां लटक रही है उनका कटवाने की कृपा करें एवं मार्ग में पड़ने वाले पुराने टेलीफोन के खम्भों को हटवाने का कष्ट करें। लक्ष्मी तालाब, आल्हा घाट, पहुंज डैम, लहचूरा डैम सहित जिले में अन्य जगह होने वाले विसर्जन स्थलों पर सरकारी गोताखोरों की व्यवस्था की जाये। पचकुंईया पर नवरात्रि का मेला लगता है जहाॅ महिलायें सुबह 3 बजे से माता का जलाभिषेक करने आती है इसलिए पचकुंईया मन्दिर पर मेन रोड से मन्दिर तक बेरिकेटिंग लगाई जाये, पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ कराई जाये एवं मेेटल डिटेक्टर लगायें जाये। जिन मार्गो से होकर प्रतिमाअेां का आना-जाना है उनके गढढे पक्के, सीमेन्ट से मूर्तियों को विराजमान होने से पूर्व पूरा करवाया जाये एवं तिपहिया, चार पहिया वाहनों का प्रवेश को जिले में पड़ने वाले विसर्जन स्थलों पर प्रतिबंधित रखा जाये । विसर्जन स्थल पर पानी पीने के लिए अस्थाई नल लगवाये जाये।विसर्जन स्थल पर चैपड़े पर लगी हुई एक तरफ की जालियां हटवाई जाये। जिससे 7-8 मूर्तियों का विसर्जन एक साथ हो सके ।उन्होंने मांग करते हुए बताया कि विसर्जन के पश्चात लौटते हुये भक्तों को देवी पटे सहित लक्ष्मी गेट से आकर सागर गेट से होकर जाने की व्यवस्था की जाये।प्रेमनगर गरिया फाटक में भूरा तांगा वाले के सामने डस्ट डलवायी जाये। सुबह 10 बजे से काली जी सदर बाजार की आती है व सदर की मूर्तियां बस स्टेण्ड कृषि मण्डी होकर लक्ष्मीताल जाती है। अतः सम्पूर्ण मार्ग पर साफ-सफाई सुरक्षा, मार्ग के गढढे भरने की व्यवस्था की जाये।नौ दिनों तक मुर्गा मछली मार्केट व अन्य मीट की दुकाने बन्द करवाई जाये।अवैध शराब की बिक्री रोकी जाए। विसर्जन हेतु लक्ष्मी तालाब पर गणेश कुण्ड, पहुज स्थित आला घाट कुण्ड, गढमऊ झील, अंगूरी बैराज, रेलवे डैम, लहचूरा डैम, पारीछा डैम व अन्यत्र जहां पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, पर पर्याप्त गोताखोर, पुलिस, रस्सियों आदि की व्यवस्था की जाये।जहां भी कारीगरों द्वारा प्रतिमायें बनाई जा रही है वहां पर निरीक्षण कराया जाये व दुर्गा जी के स्वरूप को न बिगाड़ा जाये । पारम्परिक दर्शायें गये रूप में ही प्रतिमा निर्माण हो। समिति के कार्यकर्ता जगह-जगह घूमकर इस बात को चैक करेगें कि किसी भी मूर्ति का निर्माण संस्कृति के विरूद्ध न हो पाये ।उन्होंने मांग करते हुए बताया कि पिछले दिनों सी0ओ0 सिटी, एस0पी0 सिटी के द्वारा दुर्गा उत्सव आयोजन समितियों एवं डी0जे0 संचालकों को नोटिस जारी किये गये है जो सनातन हिन्दू दुर्गा उत्सव में एक तरह से विघ्न डालने का काम है। नोटिस में कहा गया है कि हम डी0जे0 बजाने पर आयोजक एवं डी0जे0 संचालक दोनों के ऊपर कानूनी कार्यवाही करेगें । अगर ऐसा ही है तो डी0जे0 वालों को स्पष्ट लिखित आदेश दे देना चाहिए कि आप हिन्दू सनातन उत्सवों में डी0जे0 नही लगायेगें एवं आयोजन समितियों को स्पष्ट लिखित दे देना चाहिए कि आप प्रतिमायें नही बैठालेगें । लगातार बुलाकर डराना, धमकाना उचित नही है। यह सब कार्य एक फोटोशाॅप कम्पनी जिन्होनें महाउत्सव समिति बनाई है और जो एक फोटो लगाने का लोगों से 11000/- शुल्क वसूल रहे है, उनको अपने साथ बैठाकर किया जा रहा है जिनका कार्य अधिकारियों के साथ फोटो खिचाकर सारे अनैतिक अवैध काम करना है। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से दुर्गा उत्सव समितियां के पदाधिकारी एवं साउंड संगठन के पदाधिकारी मंदिरों के पुजारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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