May 20, 2024

दलित के घर में घुसकर मां -बेटे व बहु के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने पर सात वर्ष का कारावास एवं अर्थदंड

झांसी। दलित के घर में घुसकर मां -बेटे व बहु के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश अनु.जाति और अनु. जनजाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम शक्ति पुत्र तोमर की अदालत में एक अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में सात वर्ष के कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह व कपिल करौलिया के अनुसार थाना सीपरी बाजार में तहरीर देते हुए वादिया मुकदमाश्रीमती कुसुम ने बताया था कि 17 दिसंबर 2008 को रात्रि करीब 9.30 बजे मेरे पड़ोस में रहने वाले किशन व बृजकिशोर सोनी ने घर में घुसकर गाली गलौज व जाति सूचक शब्दों से अपमानित कर मुझे, सास चीना व पति बलराम अहिरवार के साथ लाठी डण्डो से जमकर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।शोर सुनकर पड़ोसियों के मौके पर आ जाने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। उन लोगों ने मेरे घर के दरवाजे भी तोड़ दिए।तहरीर के आधार पर थाने पर एन.सी.आर में सूचना दर्ज की गयी।बाद में एसएसपी से शिकायत करने पर मुकदमा लिखा गया।विवेचना उपरान्त अभियुक्त किशन उर्फ कृष्णकान्त सोनी एवं बृजकिशोर सोनी के विरूद्ध अन्तर्गत धारा 452, 325, 323,504,506, 427भा. द. सं. एवं धारा 3(1)10 एस.सी. एस.टी एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।अभियुक्त किशन उर्फ कृष्णकान्त सोनी की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरूद्ध वाद उपशमित किया गया था,जिसके बाद न्यायालय द्वारा एकमात्र अभियुक्त बृज किशोर सोनी पुत्र बालादीन निवासी टपरिया खालसा थाना सीपरी बाजार के विरूद्ध ही विचारण करते हुए प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध अभियुक्त बृजकिशोर सोनी को धारा 325/34 भा.द.सं. व धारा 452 भा.द.सं. के अन्तर्गत सात -सात वर्ष के कारावास व 03-03 हजार रूपये अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर एक -एक माह के अतिरिक्त कारावास,धारा 323/34 भा.द.सं. के अन्तर्गत एक वर्ष के कारावास व 01 रूपये अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा करने पर 10 दिन के अतिरिक्त कारावास, धारा 504 ,506,427 भा.द.सं. के अन्तर्गत दो -दो वर्ष के कारावास व 15-15 सौ रूपये अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर 15 -15 दिन के कारावास,धारा 3(1)10 एस. सी. एस.टी एक्ट के अन्तर्गत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 02 हजार रूपये अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर 20 दिन के अतिरिक्त कारावास की सज़ा सुनाई गयी।अभियुक्त की सभी सजायें साथ साथ चलेंगी।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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