March 5, 2024

गौशाला में एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से तैनात किए जाने के निर्देश, भविष्य में आग फैलने की कोई घटना संज्ञान में ना आए सरकारी भूमि पर गौशाला का निर्माण नहीं हो जाता तब तक, अन्य गौशालाओं में गायों को स्थानांतरित कर सुरक्षित रखने के निर्देश

झांसी। आग लगने का प्रकरण संज्ञान में आने पर नगर पालिका गुरसरांय स्थित गौशाला जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार द्वारा मौके पर भ्रमण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अधिकारी ने बताया गया कि लगभग 2 साल पहले अस्थाई गौशाला को एक निजी व्यक्ति की भूमि पर बनाया गया है एवं गौशाला में 03 केयर टेकर तैनात है। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि गौशाला में छप्पर लकड़ी का प्रयोग करके बनाया गया था। उन्होंने गौशाला के केयरटेकरों एवं आस-पास खेती करने वाले व्यक्तियों से वार्ता की एवं आग लगने के कारण को पूछा। केयरटेकरों एवं आस-पास खेती करने वाले व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि आग लगने के सम्बन्ध में उन्हें कोई जानकारी नही है। जिसके पश्चात् उन्होंने उप जिलाधिकारी, गरौठा को इस अग्निकाण्ड की जांच कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही अथवा शिथिलता पाई जाती है तो कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौशाला में एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से तैनात किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि लगी आग को बुझाने के लिए प्रेसर के साथ पानी का छिड़काव कराया जाए अथवा गढडा खुदवाकर गढ्ढे में अच्छी तरह से भरकर उस पर मिट्टी डाल दी जाए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि आग को अच्छी तरह से बुझा दिया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में आग फैलने की कोई घटना संज्ञान में नहीं आना चाहिए। जिलाधिकारी को मौके पर उप जिलाधिकारी, गरौठा द्वारा अवगत कराया गया कि सरकारी भूमि पर गौशाला बनाये जाने हेतु भूमि चिन्हित की जा चुकी है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल से चिन्हित भूमि के सम्बन्ध में जानकारी ली। लेखपाल द्वारा बताया गया कि गौशाला हेतु 01 एकड़ सरकारी भूमि एवं भूसा रखने हेतु 40 डेसीमील सरकारी भूमि चिन्हित की जा चुकी है। उपरोक्त दोनों भूमियां एक-दूसरे से लगभग 200 मीटर की दूरी पर हैं। अधिशाषी अधिकारी द्वारा भी बताया गया कि उन्हें गौशाला के निर्माण हेतु धनराशि प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया गया कि उनके द्वारा टेन्डर किया जा चुका है एवं इसकी सूचना समाचार पत्रों में भी प्रकाशित की जा चुकी है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि समाचार पत्रों में प्रकाशित टेंडर की सूचना की कटिंग को उन्हें उपलब्ध कराया जाए। साथ ही टेण्डर के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के माध्यम से ठेकेदारों को सूचित कराया जाए। उन्होंने अधिशाषी अधिकारी को गौशाला बनाने के लिए शासन स्तर से अतिरिक्त धनराशि की मांग किये जाने के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि वे अधोहस्ताक्षरी के स्तर से शासन को प्रेषित किये जाने के लिए एक पत्र दिनांक 29.04.2022 तक तैयार कराकर सक्षम अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध करायें, ताकि धनराशि शासन से अतिशीघ्र प्राप्त हो सके। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी, गुरसरांय को निर्देश दिए कि जब तक सरकारी भूमि पर गौशाला का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वे एवं उप जिलाधिकारी, गरौठा आपसी समन्वय से एक चार्ट तैयार करके गोवंश को निकटतम सरकारी गौशालाओं में स्थान्तरित करा दें। गौशाला में कुल गायें एवं किस-किस गौशाला में कितनी गायें स्थान्तरित की गई हैं, का विवरण चार्ट में अवश्य किया जाए। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने गौशाला का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जनपद की समस्त स्थाई/अस्थाई गौशालाओं में उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। भ्रमण के दौरान उपजिलाधिकारी गरौठा, तहसीलदार गरौठा, अधिशासी अधिकारी गुरसराय सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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