May 24, 2024

पुलिस कप्तान से बड़ी सीओ, क्या बोले पत्रकार संगठनों में बढ़ता आक्रोश

झांसी। जिला का कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए जिले में पुलिस का मुखिया पुलिस कप्तान होता है। उसके नीचे सर्किल क्षेत्रों में व्यवस्था देखने के लिए सीओ तैनात होते है। लेकिन आज यह उल्टा दिखाई दे रहा। एक पत्रकार को न्याय देने ओर उसकी सुनवाई करने के लिए पुलिस कप्तान ने सीओ को आदेश किया। उसी आदेश के बाद सीओ अपने सरकारी नंबर बंद कर देर शाम तक कार्यालय नही मिली और न ही उन्होंने संपर्क किया। इससे यही लगता है कहीं न कहीं सीओ कप्तान से बड़ी हो गई है। बंधक बनाकर पत्रकार की मारपीट की गई, बाद में महिला से उसकी पिटाई कराकर वीडियो वायरल किया गया। यह घटना वीडियो देख कर ओर घटना क्रम को सुन कर हर कोई दावा कर रहा की इस प्रकरण में पत्रकार को फसाने के लिए पूर्ण सुनियोजित तरीके से कार्यवाही की गई। लेकिन जब मामला जिले के पुलिस कप्तान के सामने आया तो उन्होंने सीओ को फोन करके दोनो पक्ष की जांच करने ओर पत्रकार का शिकायती पत्र लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश दिए। हालात यह हो गए की पुलिस कप्तान के कहने के बाद सीओ साहब का दिन भर सरकारी मोबाइल बंद रहा ओर उनके कार्यालय में कोई शिकायती पत्र लेने वाला नहीं। पत्रकार गंभीर चोटों की पीड़ा से परेशान दर्द सहन कर रहा लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज कराने को न थाना और न ही सीओ कार्यालय में कोई मिल रहा। ऐसे में पत्रकारों में खासी नाराजगी देखी जा रही। सभी पत्रकार इस घटना को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी में है।मालूम हो की दो दिन पूर्व पत्रकार मिलन परिहार के साथ अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रेशर संचालक ने साजिशन बंधक बनाकर मारपीट कराई इसके बाद षड्यंत्र के तहत उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आखिर क्या हो गया योगी जी की पुलिस को घायल पत्रकार की चोट नहीं दिख रही ओर न ही उसकी रिपोर्ट दर्ज कर रही। शनिवार को इस घटना से अक्रोशित दर्जनों पत्रकार एसएसपी के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्यवाही का आश्वाशन देते हुए सीओ को फोन कर पीड़ित पत्रकार का शिकायती पत्र लेने और उसका मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश दिए थे लेकिन तभी से उनका मोबाइल स्विच ऑफ होना, कार्यालय में किसी का न मिलना किसी पुलिस कर्मी द्वारा उसका शिकायती पत्र न लेना कही न कही यह क्रेशर संचालक और पुलिस की पत्रकार के खिलाफ मिली जुली भूमिका नजर आ रही। वही उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के झांसी जिला अध्यक्ष महेश पटेरिया ने कहा की पुलिस कप्तान ने दर्जनों पत्रकारों के सामने सीओ को फोन करके कार्यवाही और निष्पक्ष जांच के लिए बोला था। लेकिन सीओ ऐसा कर रही तो यह कप्तान के आदेशों की अवहेलना है साथ ही पत्रकारों का एक दल फिर पुलिस कप्तान से मिलकर उनके आदेश की अवहेलना और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग रखी जायेगी। वही संयुक्त मीडिया क्लब के अध्यक्ष शशांक त्रिपाठी ने कहा की पुलिस कप्तान के आदेश के बावजूद यह रवैया पुलिस का न्याय पूर्ण नहीं पूर्णत गलत है पुलिस का रवैया, अगर पीड़ित पत्रकार की सुनवाई नहीं हुई तो पुलिस कप्तान से मिल कर एक बार फिर बात रखी जायेगी इसके बाद बड़ा आंदोलन होगा।वही झांसी मीडिया क्लब के अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने कहा जिस प्रकार घटना क्रम चल रहा ओर पीड़ित पत्रकार का मेडिकल परीक्षण नही कराया जा रहा पीड़ित पत्रकार की रिपोर्ट दर्ज नही की जा रही इससे यह स्पष्ट होता है कही न कही अवैध रूप से चला रहे क्रेशर संचालक और खाकी की मिली भगत की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही। उन्होंने कहा पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए हर संघर्ष कदम उठाएंगे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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