March 4, 2024

एक भी बच्चा छूटा,संकल्प हमारा टूटा :- जिलाधिकारी जनपद में जो लक्ष्य निर्धारित किया उसकी शत-प्रतिशत पूर्ति करने के निर्देश

झांसी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपद में 4 अप्रैल 2022 से 30 अप्रैल 2022 तक आयोजित “आओ स्कूल चलें अभियान” की प्रगति समीक्षा करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत आज की दैनिक गतिविधि के अनुसार शिक्षकों को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर छूटे हुए बच्चों का नामांकन कराया जाना सुनिश्चित करें। जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में गांव के हर बच्चे का नामांकित कर शत प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य पूर्ण करना है। इसके लिए प्रातः विद्यालय खुलने के पश्चात ही संपूर्ण विद्यालय स्टाफ प्राथमिकता से यह कार्य करें, शिक्षकों की टोली घर घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें। अप्रैल माह में नए सत्र की आकर्षक योजनाओं की जानकारी माता पिता को दी जाए। गांव में साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु हर बच्चे के नामांकन के महत्व को भी समझाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई हेतु हर बच्चा नामांकित हो तथा प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित अवश्य हो ताकि उसके शैक्षिक स्तर में बढ़ोतरी हो सके। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को इन्नोवेटिव आइडिया देते हुए कहा कि शिक्षक कक्षा एक और छः में नए छात्रों के लिए नई गतिविधियां तथा नए-नए नवाचारों से आच्छादित शिक्षण पद्धति अपनाएं।परिषदीय विद्यालयों में पहले ही डीबीटी योजना के माध्यम से बच्चो के लिए निशुल्क ड्रेस, जूते मोजे और बैग हेतु इस सत्र में भी प्रेषित करने की घोषणा सरकार द्वारा की जा चुकी है। पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। कायाकल्प और मिशन प्रेरणा के बाद परिषदीय विद्यालय नए कलेवर में किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नही हैं। हर कक्ष प्रिंट रिच, रीडिंग कॉर्नर, एनबीटी की पुस्तकों और विभागीय सामग्री से तैयार है। जनपद में निपुण भारत के अंतर्गत सभी निर्देशों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षक तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 25 अप्रैल से ’स्कूल रेडिनेस मॉड्यूल’ जो की कक्षा 01 के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, लागू किया जाना है। इस कारण अप्रैल माह में शत प्रतिशत नामांकन होना अति आवश्यक है। विभागीय निर्देशों के अनुसार सभी विकास खंड नामांकन हेतु किते जा रहे प्रयास मैं तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। जनपद के डीसी,एसआरजी टीम, ए आर पी टीम, शंकुल शिक्षक और संपूर्ण विद्यालय स्टाफ एक जनपद स्तरीय टीम के रूप में कार्य करते हुए दिखे। आउट ऑफ स्कूल, बच्चो को विद्यालय से जोड़ने में कुछ विद्यालयों का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसी प्रकार अन्य प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा नामांकन बढ़ाने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जनपद में सबसे अधिक बच्चों का नामांकन करने वाले विद्यालय के अध्यापक एवं ग्राम प्रधान को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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